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चरखी दादरी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन मजबूत इरादों, कड़ी मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के दम पर यह संभव है। गांव खेड़ी बूरा की प्रिया लाखवान हिमाचल प्रदेश में न्यायिक अधिकारी बनकर युवाओं के लिए मिसाल बनी हैं। वहीं गांव इमलोटा के पहलवान सुजीत कलकल ने अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। गांव बलाली की कुश्ती खिलाड़ी नेहा सांगवान एशिया चैंपियनशिप और वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में पदक जीतकर लगातार आगे बढ़ रही हैं। इनके साथ ही गांव घिकाड़ा के बॉक्सर नवीन झाझडिया ने विश्व मुक्केबाजी कप में कांस्य पदक जीतकर साबित किया कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। आज युवा दिवस पर जिले के ये युवा सबके लिए प्रेरणा हैं। इन सभी प्रतिभाओं का एक ही संदेश है कि लक्ष्य तय करें, तुलना से बचें और ईमानदारी से मेहनत करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं प्रिया
= गांव खेड़ी बूरा निवासी प्रिया लाखवान, हिमाचल प्रदेश में न्यायिक अधिकारी बनकर युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनीं है। फिलहाल प्रिया शिमला कोर्ट में तैनात हैं। प्रिया ने युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि युवा अपना लक्ष्य निर्धारित करें और अडिग रहे। दिमाग में असमंजस न पैदा होने दें। इससे ऊर्जा खराब होती है और लक्ष्य भी दूर चला जाता है। दूसरों के साथ कभी भी खुद काे तुलना करके न देखें। स्कूल, प्रतियोगिता, कोचिंग में एक दूसरे के साथ तुलना न करें। दायरे में रहकर अपना लक्ष्य हासिल करें। उनका लक्ष्य 12वीं कक्षा से पहले ही निर्धारित कर लिया था कि उनको एक न्यायिक अधिकारी बनना है, इसलिए यह संभव हो पाया।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं : सुजीत
= गांव इमलोटा निवासी पहलवान सुजीत कलकल पर हाल ही में प्रो कुश्ती लीग में भारतीय पहलवानों में सबसे अधिक 52 लाख रुपये की बोली लगी है। वे प्रो कुश्ती लीग में दिल्ली दंगल वारियर्स की तरफ से दमखम दिखाएंगे। उन्होंने गत दिसंबर माह में अहमदाबाद में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में 65 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया था। वहीं उन्होंने गत अक्तूबर माह में सर्बिया में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में अंडर-23 वर्ग में उज्बेकिस्तान के पहलवान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। सुजीत ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जाे सफलता आप पाना चाहते हैं उस पर जी-जीन से काम करें। ईमानदारी के साथ मेहनत करें। एक दिन वो जरूर आएगा जब सफलता आपके कदम चूमेगी।
जो भी काम करें, उसमें अपना 100 प्रतिशत दें : नेहा
= गांव बलाली निवासी कुश्ती खिलाड़ी नेहा सांगवान, अंडर 17 में एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी और विश्व रैंकिंग सीरीज में एक गोल्ड व एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुकी है। अब वह आगामी प्रो-कुश्ती लीग में खेलती नजर आएंगी। नेहा सांगवान ने संदेश देते हुए कहा कि जो भी काम करें, उसमें अपना 100 प्रतिशत दें। वो चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या खेल का या अन्य क्षेत्र। तन-मन-धन से मेहनत करें तो सफलता जरूर मिलेगी। नेहा ने कहा कि खेलों में भी जो युवा आगे आना चाहते हैं वो ऐसी मेहनत करें कि बाकी सब पीछे रह जाएं और आप आगे निकल जाएं।
निरंतर अभ्यास से लक्ष्य तक पहुंचा सकता है : नवीन
= गांव घिकाड़ा निवासी बॉक्सर नवीन झाझडिया मुक्केबाजी के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक कई पदक अपने नाम कर चुके हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप में भी बॉक्सर नवीन झाझडिया ने कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नवीन झाझडिया ने कहा कि सीमित संसाधन कभी मजबूत इरादों को नहीं रोक सकते। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ किया गया निरंतर अभ्यास हर युवा को अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। असफलताओं से घबराएं नहीं, उन्हें सीढ़ी बनाएं और सपनों को साकार करें।
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Charkhi Dadri News: गांवों से निकली प्रतिभाओं ने रचा सफलता का इतिहास, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत




