[ad_1]
चंडीगढ़। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जमानत पर बाहर आने के बाद फरार हो चुके 42 वर्षीय आरोपी विकास दहिया उर्फ सोनू उर्फ ठेकेदार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा के सोनीपत के खरखौदा निवासी आरोपी सेक्टर-38 की एक कोठी में पहचान बदलकर रह रहा था। वह लगभग 9 महीनों से फरार था। हैरानी की बात है कि लॉकल पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
यह पहली बार नहीं है जब किसी आरोपी के चंडीगढ़ में छिपकर रहने का खुलासा हुआ हो। इससे पहले भी कई मामलों में पुलिस जांच के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है कि वे शहर में अवैध रूप से रह रहे थे या लंबे समय से यहां ठिकाना बनाए हुए थे।
दिल्ली पुलिस को आरोपी की महिला मित्र के जरिए उसकी लोकेशन मिली। पता चला कि जिस कोठी में विकास दहिया रह रहा था, उसे एक शराब कारोबारी ने किराए पर लिया हुआ था। विकास ने कारोबारी को बताया था कि वह नौकरी की तलाश में चंडीगढ़ आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विकास दहिया को साल 2010 में सोनीपत के खरखौदा में एक मर्डर के केस में गिरफ्तार किया था। उस मामले में विकास मुख्य आरोपी था। साल 2012 में आरोपी को कोर्ट ने उमक्रैद की सजा सुनाई। आरोपी जेल गया, लेकिन हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया।
फरार होने के दौरान आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 30 जुलाई 2025 को दिल्ली के सुराखपुर निवासी नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर विकास डागर उर्फ भिंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 18 अक्तूबर 2025 को विकास दहिया को भगोड़ा करार दिया था। इस मामले में सुमित राणा उर्फ छोटू और कष्ण दहिया उर्फ महाराज भी फरार बताए जा रहे हैं।
दिल्ली क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी की महिला मित्र चंडीगढ़ में रह रही है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी विकास को पकड़ने के लिए कई दिनों तक जाल बिछाए रखा। 13 अप्रैल को सेक्टर 9 में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की महिला मित्र से भी पूछताछ की। उसने पूछताछ में कहा कि वह विकास के बुलाने पर कोठी में आती थी। हालांकि परमानेंट कोठी में नहीं रहती थी।
आरोपी को सेक्टर 38 में छिपकर रह रहा था। हत्या के केस में उसे उमक्रैद की सजा हो चुकी है। दिल्ली पुलिस आरोपी को पकड़कर ले गई है।- राजीव कुमार, सेक्टर 39 थाना प्रभारी
[ad_2]
Chandigarh News: हत्या के मामले में उमक्रैद की सजा पा चुका फरार आरोपी चंडीगढ़ से गिरफ्तार

