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भिवानी। गेहूं के फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए डीसी साहिल गुप्ता ने जिले से लेकर ग्राम स्तर तक निगरानी समितियों का गठन किया है। ये समितियां खुले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर नजर रखते हुए उनकी रोकथाम सुनिश्चित करेंगी।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेश और राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों की अनुपालना में यह कदम उठाया गया है। जिलास्तरीय समिति में एसपी, जिला राजस्व अधिकारी, डीडीपीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी के क्षेत्रीय अधिकारी, कृषि उपनिदेशक और सहायक कृषि अभियंता को सदस्य बनाया गया है।
उपमंडल स्तर पर संबंधित एसडीएम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संबंधित पुलिस उप अधीक्षक, तहसीलदार, उपमंडल कृषि अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ को समिति में शामिल किया गया है। ब्लॉक स्तर पर संबंधित नायब तहसीलदार, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी, संबंधित एसएचओ और चौकी प्रभारी को समिति में जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही एक विशेष मोबाइल दस्ते का गठन भी किया गया है जिसमें नायब तहसीलदार, एसडीएओ, बीएओ, एसएचओ, चौकी प्रभारी, संबंधित सरपंच, नंबरदार और ग्राम स्तरीय प्रवर्तन दल सुरक्षा बल को शामिल किया गया है।
कहीं भी फसल अवशेष जलाने की घटना होने पर संबंधित समिति द्वारा तुरंत मुख्यालय को सूचना दी जाएगी जिस पर कृषि विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त सैटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।
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Bhiwani News: फसल अवशेष जलाने पर रोक, जिले से गांव स्तर तक निगरानी समितियां गठित




