[ad_1]
भिवानी। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने, बंधक बनाने व खरीदने के मामले में न्यायालय ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, न्यायालय ने दोषी पर 22,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
पॉक्सो एक्ट की फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने दोषी चेजाराम की ढाणी निवासी संदीप को 06 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा और 10,000 रुपये जुर्माना, एससी-एसटी एक्ट में उम्र कैद की सजा व 10,000 जुर्माना, धारा 323 भारतीय दंड संहिता में एक वर्ष की सजा, धारा 344 भारतीय दंड संहिता में तीन वर्ष की सजा और 2,000 रुपये जुर्माना व धारा 506 भारतीय दंड संहिता में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में थाना शहर पुलिस भिवानी ने वर्ष 2019 में केस दर्ज किया था। न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती। मामले के अनुसार वर्ष 2019 में पीड़ित लड़की ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके ताऊ ने उसे संदीप को 2,00,000 रुपये में बेच दिया था और संदीप के साथ उसकी जबरदस्ती शादी करवाई गई थी।
वहीं आरोपी ने बार-बार पीड़िता के साथ संबंध बनाए थे और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करता था। वहीं उसे बंद कमरे में रखता था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। थाना शहर पुलिस भिवानी के द्वारा बिना किसी विलंब के केस दर्ज किया। इसके बाद नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए। पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आकलन कर इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख पेश किया था। न्यायालय ने दोषी संदीप को उम्रकैद और 22,000रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
[ad_2]
Bhiwani News: नाबालिग को बंधक बनाने, खरीदने और दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद



