[ad_1]
{“_id”:”67757fe8656ee839c70b7e6c”,”slug”:”separate-budget-will-not-be-available-for-beautification-of-johads-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127937-2025-01-01″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Bhiwani News: अब सरकार से नहीं मिलेगा जोहड़ों के सुंदरीकरण का अलग से बजट, ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर कराएंगी पंचायत मद से काम”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
जोहड़ में शुरू हुआ सफाई का काम।
संजय वर्मा
भिवानी। अब सरकार से पंचायती राज विभाग में जोहड़ों के सुंदरीकरण के नाम से अलग से ग्राम पंचायतों को कोई बजट नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर गांवों के जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम ग्राम पंचायत के मद से ही करा पाएंगी। ग्राम पंचायतों को 21 लाख रुपये तक की ग्रांट अपने स्तर पर खर्च की अनुमति रहेगी।
इससे अधिक की राशि के काम के लिए ई-टेंडरिंग से ही काम पंचायती राज विभाग कराएगा। दरअसल, जिले में 23 गांवों के जोहड़ों के सुंदरीकरण का काम करोड़ों के बजट से पंचायती राज विभाग करा चुका है। हालांकि इन जोहड़ों का काम भी पूरा हो चुका है। मगर अब गांवों के प्राचीन जोहड़ों की हालत खुद ग्राम पंचायत अपने स्तर पर ही सुधरवाएगी। इसके लिए अलग से सरकार ने बजट का प्रावधान बंद कर दिया है।
भिवानी जिले में कई ग्राम पंचायतों ने पंचायती राज विभाग के पास गांव के जोहड़ों की गंदगी छंटाई और उनके सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा है। इस पर विभाग ने ग्राम पंचायतों को ये कार्य अपने मद से ही कराने के लिए हिदायतें दी हैं। इसके बाद कई गांवों में ग्राम पंचायतें अपने मद से ही गांव के जोहड़ों की मिट्टी छंटाई और उनके अंदर स्वच्छ पानी का बंदोबस्त कराने के काम करा रही है।
भिवानी जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए भूमिगत जल स्तर काफी नीचे जा चुका है। भूमिगत जल रिचार्ज करने और जल संचय के अंदर संसाधनों को मजबूत करने के लिए सरकार पौंड भी बनवा रही है। हालांकि ये कार्य सिंचाई विभाग व अन्य सरकारी विभाग भी कर रहे हैं, जिसमें गांवों के अंदर पुराने जोहड़ों को विकसित किया जाना है। लेकिन पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायतों के लिए जोहड़ों के सुंदरीकरण का अलग से कोई बजट नहीं मिल रहा है। ऐसे में ग्राम पंचायतें खुद के बजट से ही ये कदम उठा रही हैं।
सिंचाई विभाग नहरी पानी भंडारण के लिए बनवाएगा टैंक
गांव बिजतलानावास में दो एकड़ पंचायती भूमि पर सिंचाई विभाग नहरी पानी भंडारण के लिए टैंक का निर्माण कराएगा। इसके लिए करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट भी खर्च होगा। इसके अलावा भी अन्य गांवों में इस तरह के टैंक बनाए जाएंगे जो सीधे नहरों से चैनल के जरिए जुड़ेंगे। इन गांवों में बनने वाले टैंकों के अंदर दस हजार क्यूबिक फीट पानी का भंडारण संभव हो पाएगा। इनका उपयोग पानी किल्लत के दौरान खेतों की सिंचाई व पेयजल जरूरतों को पूरा कराने के लिए किया जाएगा। इन टैंकों के जरिए उन गांवों के अंदर भूमिगत जल का भी रिचार्ज किया जाएगा। इससे की उन गांवों में लगातार गिर रहे भूमिगत जल स्तर में थोड़ा इजाफा होगा।
ग्राम पंचायतें अपनी पंचायत के मद की राशि से गांवों के जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम करा सकती है। जिलेभर में पंचायती राज विभाग की ओर से पहले 23 गांवों में जोहड़ों के सुंदरीकरण का काम किया जा चुका है। ग्राम पंचायत अपने मद की राशि से 21 लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर के करा सकती है इससे अधिक राशि पर ई टेंडरिंग से काम कराए जाएंगे।
– संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विभाग भिवानी।
सिंचाई विभाग गांवों में जरूरत पूरी करने के लिए नहरी पानी के भंडारण करने और भूमिगत जल के रिचार्ज के लिए दो एकड़ भूमि पर टैंक का निर्माण कराएगा। जिले के गांव बिजलानावास में पंचायती भूमि पर दो एकड़ भूमि पर इस तरह का टैंक बनाया जाना प्रस्तावित है। इस टैंक को नजदीकी नहरी सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इनमें करीब दस हजार फीट क्यूबिक नहरी पानी का भंडारण संभव होगा।
– अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई डिविजन सिंचाई विभाग भिवानी।
[ad_2]
Bhiwani News: अब सरकार से नहीं मिलेगा जोहड़ों के सुंदरीकरण का अलग से बजट, ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर कराएंगी पंचायत मद से काम


