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Apple@50: दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी Apple को आज 50 साल पूरे हो गए हैं. आज से ठीक 50 साल पहले 1 अप्रैल, 1976 को अमेरिका में इस कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज यह दुनिया की सबसे ज्यादा मूल्यवान कंपनियों में शामिल है. दुनियाभर में ऐप्पल के 2.5 अरब एक्टिव डिवाइस हैं. इनमें आईफोन, आईपैड, मैकबुक और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं और हर साल इनमें इजाफा देखने को मिल रहा है. ऐप्पल के 50 साल पूरे होने के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि कंपनी ने ऐसी क्या 5 चीजें की हैं, जिन्हें तमाम कोशिशों के बावजूद आजतक कोई कॉपी नहीं कर पाया है.
सबसे सेफ फेस अनलॉक
ऐप्पल का कहना है कि फेसआईडी के पीछे यूज होने वाली टेक्नोलॉजी उसकी अब तक की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी में से एक है. ऐप्पल डिवाइस का ट्रूडेप्थ कैमरा हजारों इनविजिबल डॉट्स की मदद से यूजर का फेस डेटा एनालाइज कर एक डेप्थ मैप क्रिएट कर लेता है. साथ ही यह चेहरे की इंफ्रारेड इमेज भी ले लेता है. फिर आईफोन में लगा न्यूरल इंजन उस डेप्थ मैप और इंफ्रारेड इमेज को एक मैथमेटिकल रिप्रजेंटेशन में बदल लेता है. यह फेशियल हेयर या मेकअप लगा होने की स्थिति में भी यूजर को सटीक तरीके से पहचान सकता है. यह आउटडोर, इनडोर और अंधेरे में भी काम कर सकती है.
ऐप्पल सिलिकॉन चिप
बाकी कंपनियां जहां अपने स्मार्टफोन में प्रोसेसर के लिए दूसरी कंपनियों पर डिपेंड होती हैं, वहीं ऐप्पल आईफोन के लिए खुद चिपसेट तैयार करती है. आईफोन के लिए कंपनी A-सीरीज चिपसेट यूज करती हैं. इन चिपसेट में CPU, GPU, न्यूरल इंजन और दूसरे कंपोनेंट एक ही पैकेज में इंटीग्रेट होते हैं. इस वजह से ऐप्पल दूसरी कंपनियों की तुलना में परफॉर्मेंस, पावर कजम्पशन और सिक्योरिटी आदि को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाती है. इससे लंबी बैटरी लाइफ, स्मूदर यूजर एक्सपीरियंस और बेहतर ऐप ऑप्टिमाइजेशन मिलता है.
ऐप्पल इकोसिस्टम
गूगल हो या सैमसंग, कोई भी कंपनी ऐप्पल इकोसिस्टम को चुनौती नहीं दे पाई है. आईफोन, मैकबुक, आईपैंड, वॉच या एयरपॉड्स, सारे डिवाइस के बीच इस तरह इंटीग्रेशन किया गया है कि दूसरी कंपनियां इसका जवाब नहीं ढूंढ पाई है. इससे यूजर एक्सपीरियंस यूनिफाईड और स्मूद होता है.
Apple की MagSafe टेक्नोलॉजी
ऐप्पल ने सबसे पहले 2020 में आईफोन 12 लाइनअप में MagSafe को इंट्रोड्यूस किया था. आईफोन में लगे MagSafe Attach मैग्नेट की मदद से Qi चार्जर से ऑटोमैटिकली अलाइन हो जाते हैं, जिससे भरोसेमंद चार्जिंग मिलती है. हालांकि, अब इतने सालों बाद एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में भी यह टेक्नोलॉजी मिलने लगी है. इसके पीछे भी ऐप्पल का बड़ा हाथ है.
हैंग न होने की दिक्कत
आईफोन में हैंग होने की दिक्कत नहीं आती और इसी वजह से लोग ऐप्पल के फैन हैं. आईफोन के हैंग न होने के पीछे ऐप्पल का क्लोज्ड इकोसिस्टम एक बड़ा कारण है. इसके अलावा बेहतर ऑप्टिमाइजेशन, फास्टर मेमोरी मैनेजमेंट और एफिशिएंट बैकग्राउंड ऐप मैनेजमेंट सिस्टम जैसे फैक्टर भी आईफोन को हैंग नहीं होने देते.
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