[ad_1]
अंबाला। छावनी में आर्यभट्ट रीजनल साइंस सेंटर उत्तर भारत का सबसे बेहतरीन साइंस सेंटर होगा, यहां विज्ञान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बखूबी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रविवार देर शाम निर्माणाधीन साइंस सेंटर का निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की जानकारी ली।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि साइंस सेंटर विद्यार्थियों के लिए सबसे लाभदायक होगा, जिन्हें साइंस गैलरी में लाइव वेदर के अलावा अंतरिक्ष विज्ञान, गणित एवं अन्य रोचक जानकारियां हासिल हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि जीटी रोड पर 5 एकड़ भूमि पर आर्यभट्ट साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। साइंस सेंटर अपनी तरह का बड़ा व यूनिक रीजनल साइंस सेंटर होगा। चार मंजिला बनने वाले साइंस सेंटर में विद्यार्थियों को आधुनिक तरीके से रोचक व अन्य जानकारियां दी जाएंगी और इससे उनकी विज्ञान में रुचि और बढ़ेगी। बच्चों के अलावा अन्य वर्गों के लिए भी साइंस सेंटर भी विभिन्न जानकारियां होंगी।
स्क्रीन पर नजर आएगा लाइव वेदर
विज ने बताया, यह ऐसा साइंस सेंटर होगा, जिसमें लाइव वेदर को स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा और वर्चुअल तरीके से भी अन्य जानकारियों को दर्शाया जाएगा। साइंस सेंटर पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा। हरियाणा के अलावा विभिन्न राज्यों से लोग इसे देख पाएंगे क्योंकि समूचे उत्तर भारत में यह साइंस सेंटर अलग किस्म का होगा। लगभग 36 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। गत दिनों सेंटर के पुन: टेंडर होने के बाद निर्माण कार्य को प्रारंभ कर दिया गया है। साइंस सेंटर का कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में ग्राउंड और प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। यह निर्माण पूरा होने पर ग्राउंड व प्रथम तल पर साइंस सेंटर में लगने वाले उपकरणों को लगा दिया जाएगा। दूसरे चरण में द्वितीय तल व तृतीय तल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। सेंटर में ग्राउंड व तीन फ्लोर होंगे।
यह होंगी सुविधाएं
ग्राउंड फ्लोर : साइंस सेंटर के ग्राउंड फ्लोर में डिजिटल एडवेंचर गैलरी, एग्जीबिशन हॉल, कांफ्रेंस हॉल, आडिटोरियम (132 सीट), दो लिफ्ट, शौचालय, प्रोजेक्ट हेड रूम, फ्लाइट सिमुलेटर, एग्जीबिशन डिवेलपमेंट आदि की व्यवस्था होगी।
प्रथम फ्लोर : फन साइंस गैलरी, तारामंडल, साइंस व्याख्यान, वीआर थिएटर, 270 डिग्री प्रोजेक्शन हॉल, इलेक्ट्रिकल रूम, टॉयलेट, हैंडीकैप टायलेट ऑफिस, इनोवेशन हब होगा।
द्वितीय फ्लोर : साइंस ऑफ स्पोर्टस गैलरी, होर्टिकल्चर टेक्नॉलजी, एग्रीकल्चर टेक्नॉलजी, नैनो टेक्नॉलजी, इलेक्ट्रिकल रूम व ऑफिस होगा।
तृतीय फ्लोर : डिफेंस टेक्नालॉजी गैलरी, हिमालय की वादियां का डिजिटल प्रेजेंटेशन, आकाश को देखने के लिए ओपन स्पेस, बॉयो टेक्नालॉजी गैलरी व अन्य वस्तुएं प्रदर्शित होंगी।
[ad_2]
Source link


