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अंबाला। अंबाला के साइंस कारोबारियों को इस बार के बजट से काफी आस है। विशेष तौर पर अंबाला को ध्यान में रखते हुए कारोबारियों का दर्द भी झलका है। कारोबारियों को कहना है कि सरकार बजट में योजनाएं तो ले आती है जो कारोबारियों के हित में भी होती हैं मगर उनमें आवेदन करने की प्रक्रिया इतनी अधिक लंबी और जटिल होती है कि कारोबारी चाहकर भी योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं। अगर किसी योजना में आवेदन करना हो उन्हें कई प्रकार के दस्तावेज जमा कराने हाेते हैं। कुछ में तो रिटर्न के जुड़े दस्तावेज ही इतने हो जाते हैं कि योजनाओं में आवेदन करने के लिए भी एक विशेषज्ञ बैठाना पड़ जाता है। इस कारण योजना का लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच पाता है।
प्रक्रियाएं आसान और भ्रष्टाचार पर लगे लगाम
हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स अंबाला के प्रधान डॉ. आशावंत ने कारोबारियों की तरफ से सरकार से मांग की है कि योजनाओं की प्रक्रिया को आसान बनाना आज के समय में जरूरी है। इसके साथ ही उनका कहना है कि सरकार को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए भी प्रयास करने चाहिए, खासकर व्यापार के क्षेत्र में यह बात अधिक ध्यान देने वाली बात है। जब किसी काम को कराना मुश्किल हो जाता है या सरकारी प्रक्रिया थकाने वाली होती है तो यहीं से भ्रष्टाचार शुरू होता है, इसके लिए कोई न कोई प्रावधान करना चाहिए।
साइंस उपकरणों पर अभी भी पड़ रहा बोझ
अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव गौरव सोनी ने कहा कि साइंस उपकरण पर अभी भी कई उत्पादों पर भारी भरकम जीएसटी है। जीएसटी काउंसिल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हमारी एक ही मांग है कि साइंस उत्पादों पर जीएसटी कम की जाए, इसके साथ ही सरकार की योजना ग्रामीण या शहरी में न बांटी जाएं, इसके साथ ही सरकार कहती है कि कारोबार के लिए बिना कोई चीज गिरवी रखे ऋण मिलेगा, मगर हकीकत में बैंक देता ही नहीं है। नए अंत्रप्रन्योर को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है। हमारी हरियाणा सरकार के आगामी बजट को लेकर भी मांग है कि जो भी इंडस्ट्रियल एरिया काटें उसमें छोटे प्लॉट जरूर निकालें, क्योंकि अंबाला में छोटे कारोबारी अधिक हैं।
डॉ आशावंत।– फोटो : katra news
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