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अंबाला। गणतंत्र दिवस के आठ दिन शेष रह गए हैं लेकिन कैंट स्टेशन की सुरक्षा के लिए न तो चैकिंग अभियान शुरू हो पाया है और न प्रमुख गेटों पर हथियारबंद संतरी तैनात किए गए हैं। ऐसे हालात तब हैं जब हाल ही में बलदेव नगर थाने में धमाका करने की साजिश और उपायुक्त कार्यालय को आईईडी आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। अगर कोई भी सुरक्षा चूक होती है तो वो स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए खतरा बन सकती है। इतना ही नहीं यहां लगेज स्कैनर भी खराब हैं। शनिवार को पड़ताल में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा प्रबंधों की हालत खस्ता दिखाई दी।
स्टेशन पर सुरक्षा के नाम पर एक मात्र लगेज स्कैनर लगा है जोकि कई महीनों से खराब पड़ा है। इसके अलावा रेलवे परिसर में जीआरपी के इक्का-दुक्का कर्मचारी नजर आ जाते हैं जबकि आरपीएफ के कर्मचारी प्लेटफार्मों पर तैनात रहते हैं। लेकिन स्टेशन परिसर से प्लेटफाॅर्म पर जाने वाले किसी भी रास्ते पर हथियार बंद संतरी की तैनाती रही है जोकि भी सुरक्षा कर्मचारी नजर आते हैं वो केवल हाथों में डंडा लिए नजर आते हैं।
सुरक्षा दीवार भी कमजोर
स्टेशन पर भीड़ के नियंत्रण के लिए रेलवे ने बेशक मुख्य गेट के समक्ष एक सुरक्षा दीवार बना दी है, लेकिन अन्य रास्तों पर बनी सुरक्षा दीवार काफी छोटी है, जिसे फांद कर शराबी व शरारती किस्म के लोग स्टेशन पर आ जाते हैं। ऐसे हालात स्टेशन के साथ लगी पक्की सराय की तरफ जाने वाले रास्ते को देखकर लगाए जा सकते हैं, जहां कुछ दिन पहले रेलवे ने दीवार बनाई थी, लेकिन शरारती तत्वों ने इस दीवार को तोड़ दिया है ताकि उनका आवागमन आसानी से हो सके। स्टेशन से रेलवे कॉलोनी की तरफ जाने वाले रास्ते पर गेट बनाया गया है, लेकिन यहां भी किसी संतरी की तैनाती नहीं है। इस गेट के नजदीक ही कार व दोपहिया वाहन सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं, यह वाहन किसके हैं और यहां कौन वाहन खड़ा करके गया है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
सुरक्षा के दावे
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दिन के समय बेशक स्टेशन पर कर्मचारी कम नजर आते हैं, लेकिन रात के समय 30 से 40 कर्मचारी स्टेशन पर तैनात रहते हैं जो संदिग्धों की धरपकड़ करते हैं। वहीं पार्किंग को लेकर भी जांच चलती है। एक भी पुराना वाहन पार्किंग में नहीं हैं जो दोपहिया वाहन थे, उन्हें रेलवे परिसर से हटाकर जीआरपी थाने पहुंचा दिया गया है। इसके अलावा पार्किंग ठेकेदार को वाहन मालिक की पूरी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, अगर इस दौरान कोई वाहन दो-तीन दिन से अधिक समय तक खड़ा रहता है तो उसकी जानकारी भी ली जाती है और उसे चैक भी किया जाता है।
15 साल बाद भी अनसुलझा मामला
कैंट स्टेशन की पार्किंग से वर्ष 2011 में आरडीएक्स से भरी कार मिल चुकी है। इस कार में लगभग पांच किलो आरडीएक्स, डेटोनेटर और टाइमर लगा था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की बदौलत हादसा बच गया और कार को सुरक्षित स्टेशन से हटा दिया गया। इस मामले को सुलझाने के लिए कई एजेंसियों ने दिन-रात काम भी किया, बावजूद इसके 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी मामले के आरोपी नहीं पकड़े गए।
गणतंत्र दिवस ही नहीं अन्य कार्यदिवस पर भी स्टेशन की सुरक्षा को लेकर कर्मचारी तैनात रहते हैं। सुरक्षा प्रबंधों की लगातार निगरानी की जाती है। कुछ दिन पहले एसपी रेलवे और मुख्य सुरक्षा आयुक्त के साथ भी सुरक्षा प्रबंधों को लेकर मंत्रणा हुई थी ताकि कहीं कोई घटना न हो।
– विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर दाखिल होने का मुख्य गेट। संवाद– फोटो : reasi news

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर दाखिल होने का मुख्य गेट। संवाद– फोटो : reasi news
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