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नारायणगढ़। अदालत ने आईपीसी की धारा 174-ए के तहत दर्ज एक मामले में आरोपी जसविंदर सिंह को बरी करने का आदेश सुनाया है। अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना सीधे प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो नियमों के विरुद्ध है। मामले के अनुसार, आरोपी जसविंदर सिंह निवासी गांव पतरेहड़ी (शहजादपुर) को वर्ष 2018 में एक अन्य मामले (लखमीर सिंह बनाम जसविंदर कुमार) में अंबाला की अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया गया था। इसके बाद, 12 फरवरी 2020 को पुलिस थाना शहजादपुर में उसके खिलाफ धारा 174-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा की अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस ने जांच तो पूरी की, लेकिन इस मामले में सीआरपीसी की धारा 195 का उल्लंघन हुआ। धारा 174-ए के तहत किसी भी मामले में संज्ञान लेने के लिए संबंधित लोक सेवक (जज या अधिकृत अधिकारी) द्वारा लिखित शिकायत देना अनिवार्य है। वर्तमान मामले में पुलिस ने केवल सूचना के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर चालान पेश कर दिया था, जबकि अदालत की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
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