Ambala News: धान की पैदावार अधिक, भंडारण की जगह कम Latest Haryana News

[ad_1]

अंबाला सिटी। दूसरे राज्यों में भी धान की पैदावार अधिक होने के कारण हरियाणा के चावल की खपत को ग्रहण लगता नजर आ रहा है। इसी कारण गोदामाें में चावल रखने की जगह ही नहीं बची है। ऐसे में इस वर्ष की धान से निकलने वाले चावल के लिए जगह ही नहीं बचेगी।

Trending Videos

भंडारण के लिए जगह बनाई जाए इसके लिए लगातार राज्यों की मांग पर चावल विशेष ट्रेनों से भेजा जा रहा है। मगर इसके बावजूद काफी जगह आवश्यकता है। अभी तक अंबाला में 22 लाख क्विंटल से अधिक धान मंडियों में पहुंच चुकी है। जबकि अभी 8 से 10 लाख क्विंटल धान और आने की उम्मीद है।

इधर जिला अंबाला में कुछ आढ़तियों ने मंडियों में उठान का कार्य कर रहे राइस मिलर्स पर भी आरोप लगाए जा रहे है कि उठान के लिए आढ़तियों से 150 रुपए प्रति ट्रक वसूले जा रहे हैं। जिला आढ़ती एसोसिएशन प्रधान धुन्नीचंद ने बैठक के दौरान उपायुक्त को कहा कि उगाला मंडी में राइस मिलर्स आढ़तियों से एक ट्रक के उठान के लिए 150 रुपए ले रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

डीसी ने किया मंडियों का दौरा

धान की उठान के लिए सोमवार को उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने जिले की विभिन्न मंडियाें का दौरान करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले उपायुक्त सिटी नई अनाज मंडी पहुंचे। यहां किसानों, राइस मिलर्स और आढ़तियों ने अपनी समस्याओं के बारे में बताया। वहीं अंबाला छावनी में उठान में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। साहा अनाज मंडी में व्यापारियों व किसानों की पानी निकासी की समस्या पर भी संज्ञान लिया और जल्द से जल्द इसका हल करने को कहा। लंबे समय से यहां पर पानी निकासी को लेकर परेशानी बनी है।

राइस मिलर्स ने बताई परेशानी

जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान संजीव गर्ग ने उपायुक्त से गुहार लगाई की सरकार को एफसीआई के गोदामों में जगह बनवाई जाए और चावल की उपज में कमी करनी चाहिए। वर्तमान में सरकार एक क्विंटल पर 67 किलो चावल ले रही है। जबकि उनकी मांग है कि सरकार को 62 किलो चावल लेना चाहिए। इससे राइस मिलर्स को राहत मिलेगी।

[ad_2]

Source link