Ambala News: दंपती हत्याकांड में एसआईटी गठित, डायरी से खुलेगा राज Latest Haryana News

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अंबाला सिटी। कमला विहार में फाइनेंसर 53 वर्षीय संजय और उनकी पत्नी 40 वर्षीय पारुल की हत्या मामले में एसआईटी गठित हो गई है। पुलिस की टीमें हत्या से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है, जिससे कि हत्यारे का सुराग लग सके।

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मृतक के मामा सिटी कोर्ट से रिटायर्ड मुंशी कृष्ण कुमार की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को दंपती का सिटी के नागरिक अस्पताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट से पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में आया कि संजय की गर्दन पर दो निशान और सिर पर चोट का निशान था और पारुल की मौत गला घुटने से हुई। हालांकि डॉक्टरों ने मृतक के बिसरा को केमिकल जांच, कपड़ों को भी लैब भेजा है।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं दंपती को पहले किसी जहरीले पदार्थ का सेवन तो नहीं कराया था। अभी तक हत्या मामले की गुत्थी अनसुलझी है। उधर, पुलिस की टीमें फाइनेंसर संजय की ओर से लोगों को ब्याज पर दिए पैसों का रिकॉर्ड भी घर में मिली एक डायरी से खंगाल रही है। साथ ही दंपती की कॉल डिटेल को भी निकाला जा रहा है, जिससे कि पता लग सके कि आखिर हत्या से पहले दंपती से किस-किस ने बात की। घर में जो सीसीटीवी टूटे मिले हैं उसकी फुटेज खंगाले के लिए एक्सपर्ट का सहारा लिया जा रहा है।

शवों को ले जाने के लिए मायके पक्ष कर रहा था मांग, एएसपी ने समझाया

नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मायके और ससुराल दोनों पक्ष आ गए थे। इस बीच मायके पक्ष यानी पारुल की मां और मामा दोनों के शव को छावनी के शिव प्रताप नगर ले जाने की बात कह रहे थे। ऐसे में ससुराल पक्ष ने मना करते हुए कहा कि शवों का संस्कार उनके घर से होना चाहिए। इस पर 10 मिनट तक चर्चा भी चली। आखिर में एएसपी सृष्टि गुप्ता ने करीब 10 मिनट तक परिजनों को समझाया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर के समय शवों को पहले दंपती के घर कमल विहार में ले जाया गया, वहां से शालीमार कॉलोनी श्मशान में संस्कार हुआ। मृतक संजय को उनके भाई महेश तो पत्नी पारुल काे उसके भाई ने ने मुखाग्नि दी।

चूल्हे पर थी सब्जी, आधा गूंधा था आटा

पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में विलाप कर रहे मृतका पारुल के मामा कृष्ण कुमार सिंगला ने बताया कि सबसे पहले वही गेट फांदकर भीतर दाखिल हुए। कमरे में घुसे तो मौत का खौफनाक मंजर देखकर सहम गए। भांजी पारूल बैडरूम और बाथरूम के बीच तो दामाद संजय का शव ड्राइंग रूम में खून से लथपथ था। फिर पुलिस को सूचित किया। वह रसोई में गए तो देखा कि चूल्हे पर आलू-गोभी की सब्जी बनी थी और आटा भी आधा ही गूंधा था। इससे यह पता चलता है कि दपंती खाने की तैयारी कर रहे थे कि अचानक उन पर हमला हो गया।

खाली प्लाॅट का फायदा उठा भागे आरोपी

कमल विहार में जिस घर में दंपती की हत्या हुई थी उसके ठीक सामने और दूसरी तरफ खाली प्लाॅट हैं। जबकि घर के साथ ही एक शटरिंग का गोदाम है। ऐसे में रात के समय तीनों तरफ कोई नहीं रहता। यही कारण रहा कि दंपती की चीख पुकार किसी ने नहीं सुनी। वारदात के बाद हो सकता है कि आरोपियों ने भागने के लिए मुख्य सड़क की जगह इन्हीं खाली प्लाॅट का इस्तेमाल किया होगा। यही कारण है कि आरोपी मुख्य गली के किसी सीसीटीवी में कैद नहीं पाया। यह भी देखा जा रहा है कि दपंती की हत्या मामले में एक से ज्यादा आरोपी हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने अभी कोई पुष्टि नहीं की है। मामले की गहनता से जांच चल रही है।

इस मामले में दर्ज हुआ मामला

शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंगला ने बताया कि पारुल की शादी 2009 में कमल विहार निवासी संजय गर्ग से हुई थी। उनका कोई बच्चा नहीं था। 29 अगस्त की दोपहर को उसकी बहन अनीता गुप्ता का फोन आया था कि 28 अगस्त रात आठ बजकर 30 मिनट से पारुल और दामाद संजय फोन नहीं उठा रहे। फोन भी बंद जा रहे हैं। वह बहन के कहने पर लड़के आशुतोष सिंगला को लेकर दोपहर तीन बजे भांजी पारूल के घर गया। वहां देखा कि घर के छोटे गेट का बाहर से ताला लगा था और बड़े गेट का अंदर से ताला लगा था। गाड़ी और बाइक घर के भीतर ही थी। काफी देर तक बेल बजाई और आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं आया। घर का गेट फांदकर गया तो देखा कि दंपती के शव खून से लथपथ थे। पारुल के गले में बिजली वाली प्रेस का तार लिपटा था।

इन सवालों ने उलझाया

-घर के बाहर लगा मिला था ताला

-टूटे थे सीसीटीवी कैमरे

-दंपती के फोन तक ले गए आरोपी

– सीसीटीवी में भी नहीं लगा कोई सुराग

-हत्या की पड़ोसियों को भी नहीं लगी भनक

-रोजाना जाते थे सैर पर, लेकिन उस दिन नहीं गए

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