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{“_id”:”69ab3e01493d61e40f02a1be”,”slug”:”wheat-crop-affected-by-oil-farmers-engaged-in-spraying-ambala-news-c-36-1-amb1001-159295-2026-03-07″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Ambala News: गेहूं की फसल पर तेले का प्रकोप, स्प्रे में जुटे किसान”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
जलबेड़ा। गेहूं की फसल पर तेले का प्रकोप शुरू हो गया है। इसे लेकर किसान चिंतित है। वह अलग-अलग पेस्टिसाइड्स दुकानों पर जाकर विभिन्न प्रकार की दवाइयां की जानकारी ले रहे हैं ताकि वह अपनी फसल को जल्द से जल्द तेले के प्रकोप से बचा सकें। इस समस्या के समाधान के लिए किसानों ने गेहूं के खेतों में स्प्रे करवाना शुरू कर दिया है। कुछ किसान तेले के अलावा पीले रतवे व पोटाश भी मिलकर गेहूं पर छिड़काव कर रहे हैं। किसान गुरमुख सिंह, जोगिंदर सिंह व हरनाम आदि ने बताया कि यदि पीला रतवा आ जाए तो वह थोड़े समय में ही गेहूं को नष्ट कर देता है। पोटाश इसलिए डाल रहे हैं की गेहूं का दाना चमकदार और अच्छी गुणवत्ता का बने। इसलिए किसानों ने तीनों दवाइयां मिलाकर स्प्रे करना उचित समझा। किसानों ने यह भी बताया कि अभी तक गेहूं बिल्कुल ठीक खड़ी थी, उन्हें उम्मीद थी कि शायद अबकी बार इस स्प्रे का अतिरिक्त खर्च बच जाए। लेकिन अचानक ही गेहूं की बोलियां पर तेले का प्रभाव नजर आने लगा। उन्होंने यह भी बताया कि जो पछेती किस्म की गेहूं है। उसको तेले के प्रभाव से बचने के लिए स्प्रे करना अनिवार्य हो गया है।
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