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– नशीले इंजेक्शन फेंकने का आरोपी बरी
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। नशीले इंजेक्शन रखने के आरोपी अमित शर्मा को एनडीपीएस की विशेष अदालत ने बरी कर दिया। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने सुनाया। आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। इस फैसले में अदालत ने पुलिस की जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए।
अदालत ने पाया कि पुलिस की कहानी में कई तकनीकी और कानूनी झोल थे। न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि इंजेक्शन अमित शर्मा के ही थे। साक्ष्यों की कड़ी टूटी हुई पाई गई और पुलिस की जांच को दागी और हेरफेर से भरी करार देते हुए कोर्ट ने आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया
जांच में पुलिस ने छोड़ दीं कमियां
बरामद इंजेक्शनों पर एमएल नाम की मुहर लगाई गई थी जबकि जांच अधिकारी एसआई राजपाल थे। कोर्ट ने माना कि यह मोहर दूसरे जांच अधिकारी एएसआई मोहन लाल के नाम से मेल खाती है जिससे बरामदगी की सत्यता संदिग्ध हो गई। रिकवरी मेमो पर एफआईआर नंबर पहले से छपा था। पुलिस ने जांच के दौरान किसी भी स्थानीय या स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया जबकि घटना रिहायशी इलाके के पास की थी। एनडीपीएस एक्ट के नियमों के अनुसार, सैंपलिंग सही तरीके से नहीं की गई। बरामद इंजेक्शनों के बैच नंबर का भी कहीं जिक्र नहीं था। 16 नवंबर 2018 को गश्त के दौरान दुर्गा नगर के पास एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। आरोप था कि उसने अपने पास मौजूद एक सफेद पाॅलिथीन सड़क किनारे फेंक दी जिसमें से रेक्सोजेसिक और एविल के 13 इंजेक्शन बरामद हुए थे। पुलिस ने आरोपी अमित शर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
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