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अंबाला। कांवला गांव से दिव्या के लापता होने की गुत्थी 25 दिन बाद भी अनसुलझी है। पुलिस की टीमों ने इस बीच गोताखोरों की मदद से जनसुई नहर में दिल्ली तक तलाश कर ली है। यहां तक कि रिश्तेदारियों में भी पता करने पर कोई सुराग नहीं लगा। अंबाला सिटी सेक्टर-9 थाना प्रभारी सुनीता ढाका का कहना है कि बच्ची की तलाश लगातार जारी है।
गोताखोरों का कहना है कि कई बार बच्चों के शव नहर के भीतर पानी में फंसे हुए पेड़ों व झाड़ियों में फंस जाते हैं, जो फूलने के बाद भी ऊपर नहीं आ पाते। यह भी कारण हो सकता है कि बच्ची का शव नहीं मिला, इसके अलावा पुलिस बच्ची के जिंदा के एंगल से भी तलाश कर रही है। बता दें कि 30 जनवरी को इस्माइलाबाद के ढल्ला माजरा गांव के पास कांवला गांव निवासी मीना देवी यानी दिव्या की मां का शव नहर से बरामद हुआ।
एक दिन पहले बेटे का शव मिला था। अंबाला के रविदास मोहल्ले कांवला निवासी मीना देवी 23 जनवरी को अपने बेटे छह वर्षीय एकम व सात वर्षीय बेटी दिव्या के साथ घर से लापता हो गई थीं। परिजन उसकी तलाश भी कर रहे थे और अंबाला पुलिस में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी।
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