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अंबाला। कांवला गांव से लापता हुई दिव्या(7) का 16 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस की टीमें भाखड़ा नहर में तलाश करते हुए दिल्ली तक पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस व वहां के गोताखोरों से भी संपर्क किया जा रहा है। अंबाला सिटी के सेक्टर-9 थाना प्रभारी सुनीता ढाका का कहना है कि दिव्या काफी पटली थी।
गोताखोरों का कहना है कि अक्सर कम वजन वालों के शव नहर में भी गिरे पेड़ों के बीच फंस जाते हैं या फिर नहर के जगह-जगह लगे गेट के नीचे से गुजर जाते हैं। ऐसे में शवों का पता लगने में करीब एक माह तक का समय लग जाता है। उनकी तरफ से रिश्तेदारों व आसपास के अलावा सोशल मीडिया के जरिये भी संपर्क किया जा रहा है। बता दें कि 30 जनवरी को इस्माइलाबाद के ढल्ला माजरा गांव के पास कांवला गांव निवासी मीना देवी यानी दिव्या की मां का शव नहर से बरामद हुआ। एक दिन पहले बेटे का शव मिला था। अंबाला के रविदास मोहल्ले कांवला निवासी मीना देवी 23 जनवरी को अपने बेटे छह वर्षीय एकम व सात वर्षीय बेटी दिव्या के साथ घर से लापता हो गई थीं। परिजन उसकी तलाश भी कर रहे थे और अंबाला पुलिस में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। संवाद
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