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– बीमा क्लेम लेने के लिए दो साथी कर्मचारियों के साथ मिलकर करवाई वारदात, तीनों गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। दोसड़का-साबापुर मार्ग पर 13 मार्च को कलेक्शन एजेंट से 4.74 लाख रुपये की लूट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। जांच में सामने आया कि लूट की वारदात हुई ही नहीं थी, बल्कि एजेंट ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर यह पूरी कहानी बनाई थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी कलेक्शन एजेंट खुशी राम व उसके दो साथी कर्मचारी सतविंद्र पपनेजा व विनोद को गिरफ्तार कर लिया है। खुशी राम ने कबूला है कि दो अन्य कर्मचारी दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाई कि वह रास्ते में उसके साथ लूट का नाटक करेंगे ताकि यह एक असली लूट की तरह लगे। बाद में वह कंपनी से लूट की राशि को इंश्योरेंस के माध्यम से ले सकें।
बैंक के पैसों को भी किया था खर्च
मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी खुशी राम से पूछताछ में सामने आया है कि पहले भी बैंक की राशि में से वह कुछ पैसे लेकर खर्च करते आ रहे थे। उसी राशि को पूरा करने के लिए लूट की कहानी बनाई थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने व पूछताछ में खुशी राम खुद ही उलझता हुआ नजर आ रहा था। शक होने पर गहनता से पूछताछ में सब कबूल लिया।
मशीन बंद होने की बात कह घर ले जा रहा था नकदी
पीड़ित खुशी राम ने पुलिस को तहरीर दी थी कि वह 5 वर्षों से मुथूट माइक्रोफिन, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और चैतन्य फाइनेंस साहा की नकदी बैंक में जमा कराने का काम करता है। शुक्रवार 13 मार्च की शाम 6:30 बजे उज्जीवन बैंक का कर्मचारी रजत उसे नकदी देकर गया था। जब मुथूट व उज्जीवन बैंक की नकदी का मिलान किया तो कुल राशि 4.74 लाख रुपये थी। वह नकदी को जमा कराने बराड़ा स्थित एसबीआई की सीडीएम मशीन पर गया लेकिन मशीन बंद होने के कारण उसने नकदी अपने पिठ्ठू बैग में रखकर बाइक पर ही घर जा रहा था। खेतों के सुनसान रास्ते पर लूट का सारा खेल रचा था। मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि लूट की वारदात झूठी निकली है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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