Ambala News: एनडीपीएस मामले में आरोपी बरी, अदालत ने कहा- कोई ठोस सबूत नहीं Latest Haryana News

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– फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला, अली हुसैन के खिलाफ अफीम की आपूर्ति का नहीं मिला पुख्ता सबूत

संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला। एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में अदालत ने आरोपी अली हुसैन उर्फ नारू को बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ कोई ठोस या स्वीकार्य साक्ष्य पेश करने में विफल रहा।

मामला 22 मार्च 2009 का है। अंबाला सिटी पुलिस ने सिविल अस्पताल के पास नाकाबंदी के दौरान एक कार से 44 किलो अफीम बरामद की थी। उस समय आशुतोष उर्फ लकी, गुरमीत सिंह और बलजीत सिंह उर्फ कालू को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें 2011 में अदालत ने दोषी करार दिया था। जांच के दौरान इन आरोपियों ने अपने बयानों में राजस्थान के जालवाड़ निवासी अली हुसैन उर्फ नारू का नाम लिया था जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ साजिश रचने का मामला दर्ज किया था।

लेन-देन का सबूत नहीं किया गया पेश

सुनवाई के दौरान अली हुसैन के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के पास अली हुसैन को आरोपी ठहराने के लिए केवल सह-आरोपियों के पुराने स्वीकारोक्ति बयान थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए ऐसे बयान साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं हैं, जब तक कि उनकी मदद से बरामदगी न हो। फैसले में यह भी दर्ज किया गया कि आरोपी अली हुसैन और अन्य दोषियों के बीच कॉल डिटेल रिकॉर्ड या पैसों के लेन-देन का कोई सबूत पेश नहीं किया गया। अदालत ने माना कि अली हुसैन के खिलाफ साजिश रचने या अफीम की आपूर्ति करने का कोई पुख्ता सबूत नहीं है। इसके बाद अदालत ने उसे बरी करने का आदेश सुनाया।

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