[ad_1]
– अंबाला से ईरान समेत 50 देशों को भेजी जाती है एड्स की दवाइयां, युद्ध के कारण नहीं हो रहा संपर्क
अंशु शर्मा
अंबाला। पश्चिम एशिया में जारी जंग की तपिश अंबाला के फार्मा उद्योग तक पहुंच गई है। बिगड़े हालात के कारण अंबाला से ईरान जाने वाली एड्स यानी एंटी रेट्रो वायरल ड्रग्स के ऑर्डर बंद हो गए हैं। पूरे उत्तर भारत में केवल अंबाला की एक फार्मा कंपनी से ईरान सहित 50 देशों में एड्स की दवा भेजी जाती है।
हाल ही में इसी दवा का करोड़ों रुपये का एक और टेंडर निकाला जाना था लेकिन जंग के कारण अंबाला के उद्यमी गुरुदेव दत्त छिब्बर का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। ऐसे में न केवल अंबाला बल्कि पूरे हरियाणा के फार्मास्युटिकल उद्यमियों की चिंता बढ़ गई हैं, जो ईरान से निर्यात करते हैं।
टेंडर से पहले शुरू हो गया युद्ध : जीडी छिब्बर
कैंट के फार्मा उद्योगपति गुरुदेव दत्त छिब्बर कई दशकों से अमेरिका-इजराइल को छोड़कर करीब 50 देशों में एड्स की दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं। ईरान में भी 9 साल से यह दवा भेजी जा रही है। उद्योगपति जीडी छिब्बर ने बताया कि जनवरी में भी ईरान में 18 से 20 लाख रुपये की दवा वह खुद देकर आए हैं। 10 जनवरी तक वह दुबई के ताज होटल में ठहरे हुए थे। उस समय तक तो किसी तरह के हालात नहीं बिगड़े थे। करोड़ों का टेंडर निकलने से पहले ही युद्ध शुरू हो गया है। ऐसे में मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ से संपर्क नहीं हो रहा है।
महंगी होने के कारण ईरान सरकार खरीदती है यह दवाई
यह दवा (टेनोफोविर अलाफेनामाइड, डोल्यूटेग्रेविर और एमट्रिसिटाबाइन) मुख्य रूप से एचआईए एड्स (मानव प्रतिरक्षी न्यूनता विषाणु) के उपचार में प्रयोग होती है। यह एक एंटीरेट्रोवायरल दवा है। यह शरीर में वायरस की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करती है। उद्योगपति जीडी छिब्बर ने बताया कि यह दवा महंगी होने के कारण ईरान सहित अन्य देशों की सरकारें उनसे सीधे खरीद कर नि:शुल्क वितरित करती है। उनकी कंपनी ईरान में इस दवा की वेंडर है।
अंबाला से ईरान एड्स की दवा भेजने वाले उद्योगपति गुरुदेव दत्त छिब्बर: स्वयं– फोटो : 1
[ad_2]
Source link




