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रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने हड़ताल को खत्म करने का किया एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। छावनी सहित जिलेभर के पटवारखानों में ताले लटके रहे जिसके कारण कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। जमीन के इंतकाल और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए दूर-दराज से आने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण लगभग 1500 इंतकाल, 450 लोन एंट्री, 550 निवास प्रमाणपत्र और 150 जमीन रिकॉर्ड से संबंधित मामले लटक गए हैं। पटवारखाना परिसर में जहां पहले भीड़ होती थी, वहां सन्नाटा नजर आया।
हालांकि द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने हड़ताल को खत्म करने का एलान कर दिया है। सरकार की ओर से बहाली की मांगें मान लिए जाने के बाद एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। वीरवार से जिले के सभी पटवारखानों में कामकाज शुरू हो जाएगा, जिससे तीन दिन से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। एसोसिएशन के प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि संगठन की मुख्य मांग उन छह पटवारियों को बहाल करवाना था, जिन्हें फसल खराबे की जांच में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।
पटवारखाने पर लटक मिला ताला
मछौंडा निवासी राजेश ने बताया कि वह अपनी जमीन का इंतकाल कराने के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ताला लटका होने से उनका काम नहीं हो पा रहा।
छह महीने से नहीं हो रहा इंतकाल
नाहन हाउस निवासी युवराज सिंह ने बताया कि धूलकोट स्थित अपनी जमीन के इंतकाल के लिए छह महीने से परेशान हो रहे हैं और पटवारखाने के चक्कर लगा रहे हैं।
एक साल से भटक रहा हूं
छावनी के आनंद नगर निवासी सुनील ने बताया कि वह अपनी पत्नी के नाम इंतकाल चढ़वाने के लिए एक साल से भटक रहे हैं। आज काम से छुट्टी लेकर आए थे, लेकिन हड़ताल के कारण उनकी दिहाड़ी भी गई और काम भी नहीं हुआ।
अंबाला छावनी में पटवारखाने पर लटक रहे ताले। संवाद

अंबाला छावनी में पटवारखाने पर लटक रहे ताले। संवाद

अंबाला छावनी में पटवारखाने पर लटक रहे ताले। संवाद
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