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अंबाला सिटी। बसपा नेता व अधिवक्ता हरबिलास हत्याकांड में आरोपी नारायणगढ़ निवासी अंजू गर्ग (55) को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। जमानत देते हुए कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि अंजू गर्ग किसी भी गवाह को धमकी या प्रभावित नहीं करेंगी।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर भविष्य में वह इसी तरह की गतिविधियों में शामिल पाई जाती हैं, तो यह जमानत का आदेश रद्द माना जाएगा। अंजू गर्ग को अंबाला के नारायणगढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज हरबिलास हत्याकांड के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला 25 जनवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
अदालत में दोनों पक्षों ने ये दी दलीलें: याचिकाकर्ता अंजू गर्ग के अधिवक्ता ने कोर्ट में बताया कि अंजू गर्ग 55 साल की एक गृहिणी हैं। उनका इस घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। अधिवक्ता ने कहा कि वह केवल विवादित प्लॉट की रजिस्टर्ड मालिक हैं और इसके अलावा उनकी कोई भूमिका नहीं है।
यह भी बताया गया कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि उन्होंने किसी सह-आरोपी से बात की हो या घटना के समय वह घटनास्थल पर मौजूद हों। दूसरी ओर, हरियाणा राज्य के वकील ने कहा कि अंजू गर्ग मुख्य आरोपियों में से एक है क्योंकि सेल डीड को निष्पादित करना उनकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले में अंतिम लाभार्थी हो सकती हैं और उन्होंने साजिशकर्ता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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