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अंबाला-अमृतसर हाईवे स्थित जंडली पुल के निकट रविवार सुबह 5 बजे एक बेलगाम कार का कहर देखने को मिला। अनियंत्रित कार ने सीधा सवारियों से भरे ऑटो को टक्कर मार दी। हादसा इतना दर्दनाक था कि ऑटो अनियंत्रित होकर हाइवे पर ही पलट गया। ऑटो में सवार बिहार के सहरसा जिले के अमरपुर गांव निवासी भूपेंद्र मुखिया की मौत हो गई। उनकी दो बेटियां आशा (17) और मनीषा (14) सहित 11 सवारियां घायल हो गईं।
बिहार के जंगबहादुर की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। ऑटो अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ की तरफ जा रहा था। मृतक की बेटी घायल आशा की तहरीर पर बलदेव नगर थाना पुलिस ने कार चालक पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
ऑटो में सवार घायल करते हैं चंडीगढ़ में मेहनत मजदूरी
हादसे में घायलों की पहचान आशा ने बताया कि वह अपने पिता भूपेंद्र मुखिया व बहन मनीषा के साथ चंडीगढ़ में मेहनत-मजदूरी करते थे। 13 फरवरी को वह अपने गांव से ट्रेन में आए थे। शनिवार रात 10:30 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रात रुकने के बाद वह सुबह 4:50 बजे स्टेशन के बाहर से चंडीगढ़ में ऑटो में सवार हुए थे। ऑटो में पहले से 8 सवारियां थी। सभी चंडीगढ़ में मेहनत मजदूरी करते थे।
4 वर्षीय बच्चे सहित मां-बेटी भी चोटिल
मुरादाबाद के कोहिनूर मोहल्ला निवासी रेशम (45), बेटी फिजा(25), उनका दोहता अली (4) भी घायल हो गए। यह परिवार मौजूदा समय में जीरकपुर के डकौली गांव में किराये पर रहता है। इसके अलावा ऑटो में लखीमपुर गोपालगंज के जिला कल्याणपुर गांव निवासी सुरेश, राजपाल व उनकी पत्नी रामदेवी चोटिल हो गए। बिहार के सीतामडी डुमरा गांव निवासी वनिता व पति रामबाबू भी घायल हो गए थे। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई है।
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