[ad_1]
Last Updated:
Success Story: फरीदाबाद के वेद प्रकाश गुप्ता ने 5 एकड़ में ऑर्गेनिक बागवानी शुरू की, जिसमें उन्होंने पारिवारिक जरूरतों के लिए शुद्ध फल उगाए. गोबर की खाद और जैविक खेती से आत्मनिर्भरता और संतोष की मिसाल पेश करते हुए, वे अन्य किसानों को भी प्राकृतिक…और पढ़ें
भोपानी गांव में वेद प्रकाश गुप्ता का ऑर्गेनिक बागान.
फरीदाबाद. फरीदाबाद जिले के भोपानी गांव के व्यापारी वेद प्रकाश गुप्ता ने अपने 5 एकड़ के खेत में फलों की ऑर्गेनिक बागवानी शुरू की है. इस बागान की खासियत यह है कि यहां उगाए गए फल केवल परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. इन्हें बाजार में बेचने का कोई उद्देश्य नहीं है. खेती में जैविक खाद विशेषकर गाय के गोबर से बनी खाद का उपयोग किया जाता है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ फलों की गुणवत्ता को भी सुधारता है.
इस बागान में नींबू के लगभग 16 पेड़, कटहल के पेड़, आम, केले और चीकू जैसे अन्य फलों के पौधे भी लगाए गए हैं. वेद प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने हर फल के लगभग 15 से 20 पौधे लगाए हैं, जो उनकी पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं. चीकू और अमरूद साल में दो बार फल देते हैं, जबकि आम केवल एक बार आता है. उन्होंने आम की आम्रपाली किस्म लगाई है, जो स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है.
पारिवारिक जरूरतों को पूरा
वेद प्रकाश गुप्ता ने नर्सरी से तैयार कलम वाले पौधे खरीदे और उन्हें अपने खेत में लगाया. वे बताते हैं कि पौधों के बड़े होने के बाद उन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती
आमतौर पर हर तीन महीने में एक बार सिंचाई और छह महीने में खाद डालना पर्याप्त होता है. गोबर की खाद पौधों के लिए बहुत फायदेमंद होती है और इसके इस्तेमाल से फल अधिक स्वादिष्ट और प्राकृतिक होते हैं.
उनका कहना है कि बागवानी न केवल परिवार को शुद्ध और ताजे फल उपलब्ध कराती है बल्कि यह प्रकृति के करीब रहने का भी अनुभव देती है. इस ऑर्गेनिक बागान ने उन्हें संतोष और आत्मनिर्भरता की भावना दी है. वे अन्य किसानों को भी ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं.
Faridabad,Haryana
January 19, 2025, 09:41 IST
[ad_2]



