Kurukshetra News: दर्शन व स्नान के लिए सारथी बनी धर्मनगरी की सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुरू हुए महाकुंभ में स्नान व त्रिवेणी संगम के दर्शन को लेकर धर्मनगरी ही नहीं आसपास के श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। जहां बड़े स्तर पर लोग महाकुंभ में पहुंच चुके हैं तो वहीं इनके हर कदम पर सारथी बनने के लिए हमारी सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं भी खुलकर आगे आई हैं।

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किसी संस्था की ओर से श्रद्धालुओं के जत्थे महाकुंभ में ले जाए जा रहे हैं तो कोई श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने के अलावा रहने तक की भी व्यवस्था भी कर रहा है। ऐसे में ये संस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए सारथी के तौर पर सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह कईं गुना बढ़ गया है। संभावना जताई जा रही है कि धर्मनगरी से महाकुंभ में हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिसके लिए बड़े स्तर पर पहले से ही तैयारियां शुरू हो चुकी है। इन श्रद्धालुओं में आम लोगों से लेकर साधु-संत भी शामिल है। ऐसे में चारों ओर महाकुंभ की ही चर्चा सुनाई देने लगी है।

ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा से शिक्षा, योग, स्वास्थ्य, विज्ञान, गो संरक्षण, संस्कृत शिक्षण, कन्या शिक्षा इत्यादि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही श्री जयराम संस्था ने बड़े स्तर पर बीड़ा उठाया है। श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला बताते हैं कि महाकुंभ के दौरान संस्था की ओर से श्री जयराम आश्रम शिविर लगाया गया है, जहां श्रद्धालुओं के लिए निरंतर सेवा चल रही है। परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में ओपीडी., ईसीजी, एक्स-रे, पैथ लेबोरेटरी, आंखों के इलाज, डेंटल चिकित्सा आदि सभी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिकल मोबाइल बस का भी शुभारंभ किया गया। सिंगला ने बताया कि यह मेडिकल मोबाइल बस महाकुंभ शिविर में पूरे मेला की अवधि में संगम स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगी। ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की ओर से लोगों की सेवा के लिए इस मेडिकल बस का शुभारंभ किया गया। वहीं महाकुंभ शिविर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में साधु-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं के लिए जयराम आश्रम अन्नक्षेत्र में चाय, नाश्ता एवं भंडारे के प्रसाद की व्यवस्था है।

श्रीमद्भागवत कथा भी शुरू

गंगा, यमुना व सरस्वती नदी के पावन तट त्रिवेणी पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में कथा व्यास प. गोपाल शास्त्री वृंदावन वालों के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी एमएलडी ग्रुप कोलकाता द्वारा किया गया है। इसके शुभारंभ के अवसर पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कोई साधारण पुस्तक या ग्रंथ नहीं अपितु गंगा की तरह साक्षात ज्ञान गंगा की धारा है, जिस प्रकार गंगा अनादिकाल से प्रवाहित है व नित नूतन है। उसी प्रकार श्रीमद्भागवत की ज्ञानगंगा धारा भी नित नूतन है।

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स्थाणेवश्वर महादेव मंदिर की ओर दूसरा जत्था 26 को होगा रवाना

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए स्थाणेवश्वर महादेव मंदिर की ओर से जत्थे रवाना करने का फैसला लिया गया है। प्रबंधक लक्ष्मी नारायण का कहना है कि मंदिर की तरफ से भेजा गया पहला जत्था मकर संक्रांति स्नान कर वीरवार को लौट आया है। अब अगला जत्था 26 जनवरी को रवाना होगा, जिसमें महंत बंसीपुरी व अन्य साधु-संतों सहित 20 से ज्यादा श्रद्धालु होंगे। यह जत्था महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान कर लौटेगा। मंदिर की ओर से की गई इस व्यवस्था से श्रद्धालु गदगद है।

कुरुक्षेत्र। श्री जयराम आश्रम प्रयागराज महाकुंभ को लेकर आयोजित शिविर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद– फोटो : kathua news

कुरुक्षेत्र। श्री जयराम आश्रम प्रयागराज महाकुंभ को लेकर आयोजित शिविर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद

कुरुक्षेत्र। श्री जयराम आश्रम प्रयागराज महाकुंभ को लेकर आयोजित शिविर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद– फोटो : kathua news

कुरुक्षेत्र। श्री जयराम आश्रम प्रयागराज महाकुंभ को लेकर आयोजित शिविर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद

कुरुक्षेत्र। श्री जयराम आश्रम प्रयागराज महाकुंभ को लेकर आयोजित शिविर में प्रसाद ग्रहण करते श्रद– फोटो : kathua news

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