कोचीन शिपयार्ड को पहली तिमाही में ₹174 करोड़ मुनाफा:जहाज बनाने वाली कंपनी की आय 62% बढ़कर ₹771 करोड़, इस साल 238% चढ़ा शेयर Business News & Hub

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मुंबई43 मिनट पहले

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जहाज बनाने और मेंटेनेंस करने वाली कंपनी कोचीन शिपयार्ड को वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 174 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले इसमें 76% की बढ़ोतरी हुई है। Q1FY24 (वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही) में कंपनी को 99 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

कंपनी के संचालन से कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू (आय) की बात करें तो अप्रैल-जून तिमाही में यह 771 करोड़ रुपए रहा है। सालाना आधार पर इसमें 62% की बढ़ोतरी हुई है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 476 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था।

इस साल 239% चढ़ा कोचीन शिपयार्ड का शेयर
कोचीन शिपयार्ड का शेयर आज (गुरुवार, 8 अगस्त) 1.76% की गिरावट के साथ 2308 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर ने पिछले 5 दिन में 10.27% और एक महीने में 17.70% गिरा है। जबकि, 6 महीने में 153.24% और एक साल में 593.03% का रिटर्न दिया है। इस साल यानी 1 जनवरी के अब तक कोचीन शिपयार्ड का शेयर 238.70% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 61 हजार करोड़ रुपए है।

1972 में बनी और 1982 में शुरू हुई थी कोचीन शिपयार्ड
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ( CSL) भारत में जहाज बनाने और रिपेयर करने वाली सबसे बड़ी है। इसकी स्थापना 1972 में भारत सरकार की कंपनी के रूप में की गई थी। कंपनी ने करीब 10 साल बाद 1982 में पहले फेज की शुरुआत की थीं।

यह यार्ड भारत में सबसे बड़े जहाजों का निर्माण और मरम्मत करने में सक्षम है। यह 1.10 लाख DWT (डेडवेट टन) तक के जहाजों का निर्माण और 1.25 लाख DWT तक के जहाजों की मरम्मत कर सकता है।

यार्ड ने भारत के दो सबसे बड़े डबल हॉल अफ्रामैक्स टैंकर बनाएं हैं, जिनकी कैपिसिटी 95,000 DWT का है। CSL भारत के साथ-साथ दुनियाभर के लिए जहाज बनाती है। DWT यानी डेडवेट टन जहाजों की समान लोडिंग कैपिसिटी को बताता है।

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