Bhiwani News: गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया Latest Haryana News

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गुरुद्वारा सिंह सभा में गुरु पर्व पर सजाया गया ग्रुरु ग्रंथ। 

भिवानी। सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा साहिब में बड़ी ही श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। देश कौम की खातिर नौ वर्ष की आयु में अपने पिता को कुर्बान करने वाले सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का 358 वें प्रकाश पर्व गुरुद्वारा सिंह सभा, घंटा घर व गुरुद्वारा साहिब पुरानी देवसर चुंगी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया।

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गुरुद्वारा परिसर में लंगर का भी आयोजन भी किया गया। गुरुवाणी कीर्तन के माध्यम से गुरु गोबिंद के जीवन के बारे में संगतों को विस्तार से गुरमत ज्ञान दिया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार इंद्रमोहन सिंह एवं प्रधान प्रेम मुटरेजा ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। अपने चारों पुत्रों को धर्म के लिए कुर्बान कर दिया और पिता गुरु तेग बहादुर ने हिंदू धर्म को बचाने के लिए अपने शिष्य सहित शहीदी प्राप्त की।

रोहतक से पहुंचे रागी जत्था भाई गुरमेल सिंह ने गुरबाणी का गायन किया। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी सतनाम सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को पटना साहिब में हुआ था। उनके पिता का नाम गुरु तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था। उनके पिता सिखों के 9वें गुरु थे। गुरु गोबिंद सिंह ने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए हैं। जिन्हें पंज प्यारे कहा जाता है। ये पांच चीजें हैं जिसमें केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा।

इस अवसर पर प्रधान प्रेम मुटरेजा, बलदेव सिंह, गुलशन चानना, डॉ. यूएस पाहवा, रूबी सिंह, बाबा सुभाष सिंह, बलविंदर सिंह, सुखबीर सिंह, ज्ञानी प्रेम सिंह मौजूद रहे।

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Bhiwani News: गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया