{“_id”:”67704682bbc534b914099e34″,”slug”:”depot-gets-48-operators-under-hkrn-total-number-reaches-280-jind-news-c-199-1-sroh1006-127641-2024-12-29″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jind News: एचकेआरएन के तहत डिपो को मिले 48 परिचालक, कुल संख्या पहुंची 280″,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
28जेएनडी19-बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
जींद। रोडवेज डिपो में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत 48 परिचालक लगाए जाएंगे। इसको लेकर प्रबंधन ने शनिवार से ही नए परिचालकों की जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जॉइनिंग के बाद नए परिचालकों को रोडवेज कर्मचारियों के साथ टिकट काटने को लेकर व यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें रूट पर भेजा जाएगा। नए परिचालकों के आने से लंबे और लोकल रूट पर हो रही रोडवेज सेवा प्रभावित नहीं होगी।
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हालांकि, यात्रियों की संख्या के हिसाब से डिपो में बसों के साथ-साथ चालक-परिचालकों की कमी है। जींद डिपो के टाटा से अनुबंध होने के कारण अगस्त की शुरूआत में राज्य परिवहन ने डिपो की अशोक लेलैंड बीएस मॉडल-4 की 15 बस पलवल और 15 बस नूंह भेज दी थी। वहीं, सोनीपत से टाटा की बीएस-3 मॉडल की 12 बस जींद डिपो में शामिल की जानी थी, लेकिन उन बसों का लाइफ टाइम कम होने के कारण जींद डिपो ने इन 12 बसों को लेने से मना कर दिया था। इसके बाद नवंबर के अंत में बीएस-3 मॉडल की पांच बस कुरुक्षेत्र भेजी गई थी और बीएस-6 मॉडल की पांच बस कुरुक्षेत्र से जींद डिपो में आई थी।
पिछले चार महीने से डिपो में 30 बसों की कमी चल रही है। बसों की कमी के कारण 14 बस डबल चक्कर लगा रही हैं। इस समय डिपो में 168 बस ऑनरूट रहती हैं, जिसमें हर रोज लगभग 16 से 17 हजार यात्री सफर करते हैं, जिससे डिपो को हर रोज औसतन 12 से 13 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। इस समय डिपो में 230 चालक व 265 परिचालक काम कर रहे हैं। 1.7 नोरम के हिसाब से 1.7 नोरम के हिसाब से 168 बसों पर 286 चालक और परिचालकों की जरूरत है।
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सरकार एचकेआरएन के तहत डिपो में 48 परिचालक शामिल कर रही है। ऐसे में परिवहन विभाग को चाहिए कि डिपो में चालक-परिचालकों की स्थाई भर्ती करे, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके।
-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ
वर्जन
डिपो में एचकेआरएन के तहत 48 परिचालकों को शामिल किया गया है, जिनकी जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे डिपो में परिचालकों की कमी नहीं रहेगी।