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civic election – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
निकाय चुनाव इस बार सिर्फ स्थानीय मुद्दों व विकास की राजनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह मुकाबला जातीय समीकरणों, संगठनात्मक मजबूती और उम्मीदवार चयन की सूक्ष्म रणनीति के इर्द-गिर्द घूमता नजर आ रहा है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को चुनते हुए न सिर्फ सामाजिक गणित को ध्यान में रखा है, बल्कि पार्टी का सुख-दुख में साथ देने वाले पुराने नेताओं पर भरोसा जताया है।
भाजपा ने इस चुनाव में उम्मीदवार चयन को एक योजनाबद्ध सामाजिक इंजीनियरिंग के रूप में इस्तेमाल किया है। पार्टी ने नगर निकाय में स्थानीय जातीय संरचना का बारीकी से अध्ययन कर टिकट दिए हैं।
पंचकूला में जहां वैश्य समुदाय के करीब 44 हजार वोट, पंजाबी समुदाय के लगभग 55 हजार वोट और ब्राह्मण वर्ग के करीब 13 हजार मतदाता हैं, वहां भाजपा ने पुराने साथी श्यामलाल बंसल को उतारकर सबके बीच स्वीकार्यता बनाने की कोशिश की है।
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मेरा शहर, मेरी सरकार: भाजपा का सामाजिक गणित, पुराने नेताओं पर भरोसा, कांग्रेस में दिखी अंदरूनी खींचतान