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जींद। बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिले में राष्ट्रीय कृमि दिवस व्यापक स्तर पर मनाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाईं। इस वर्ष जिले में करीब 4,72,811 बच्चों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान की शुरुआत शहर के बाल आश्रम स्कूल से की गई, जहां मिड-डे मील के बाद बच्चों को दवा दी गई। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डा. रमेश पांचाल स्वयं मौजूद रहे और अपनी निगरानी में बच्चों को दवा खिलाई।
उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर डालता है, इसलिए समय-समय पर इसकी रोकथाम बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभागीय टीमें, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और स्कूल स्टाफ मिलकर काम कर रहे हैं।
जिलेभर में शिक्षण संस्थानों के अलावा रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। यह दवा बच्चों को एनीमिया से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पढ़ाई में एकाग्रता सुधारने में सहायक होती है। अभियान के दौरान बच्चों और अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
पांच मई तक चलेगा अभियान
21 अप्रैल को फिक्स डे के रूप में अधिकतम बच्चों को दवा देने का प्रयास किया गया है। जो बच्चे किसी कारण दवा नहीं ले सके, उनके लिए 28 अप्रैल को मॉप-अप दिवस रखा गया है। इसके बाद भी छूटे बच्चे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से मुफ्त दवा प्राप्त कर सकते हैं। यह अभियान पांच मई तक चलेगा।
वर्जन
अभिभावकों से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने बच्चों को यह दवा अवश्य दिलवाएं। एल्बेंडाजोल पूरी तरह सुरक्षित दवा है और इसके गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते। यदि किसी बच्चे को दवा लेने के बाद उल्टी, चक्कर या अन्य परेशानी महसूस हो तो तुरंत 108 या 112 नंबर पर संपर्क करें। इसके लिए जिले में 12 मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। -डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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