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कुरुक्षेत्र। एनआईटी में हुई चार छात्र-छात्राओं की आत्महत्या और एक छात्रा की कोशिश के बाद निदेशक का कार्यभार देख रहे प्रो. ब्रह्मजीत सिंह ने विशेष बातचीत की। उन्होंने बताया कि आजकल के युवाओं का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर बीत रहा है।
इससे उनका अकेलापन बढ़ रहा है। परिवार, दोस्तों और शिक्षकों से बातचीत कम हो गई है। पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है और युवा अपने मार्ग से भटक भी रहे हैं। यहां तक कि उनकी आकांक्षाएं भी बढ़ रही हैं और आत्महत्या जैसे कदम तक उठा रहे हैं, जो किसी भी स्तर पर सही नहीं है। उन्होंने बताया कि अब समय के अनुसार जो हालात बन रहे हैं, उसमें और सजगता की जरूरत है। संस्थान इससे सबक लेते हुए हर संभव प्रयास कर रहा है कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
इसके लिए अब न केवल छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद बढ़ाया जा रहा है बल्कि उनके लिए माहौल को भी बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अभिभावकों से भी लगातार संवाद जारी रखने की योजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही संस्थान के हालात सामान्य हो जाएंगे तभी एक नए माहौल में बच्चों के साथ नया संवाद स्थापित किया जाएगा। वहीं अब एनआईटी प्रशासन अभिभावकों के भी संपर्क में रहेगा।
कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय। संवाद– फोटो : udhampur news

कुरुक्षेत्र। एनआईटी निदेशक कार्यालय। संवाद– फोटो : udhampur news
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Kurukshetra News: सोशल मीडिया बढ़ा रहा युवाओं में अकेलापन




