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पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि दंपती ने रविवार देर रात के बाद यह कदम उठाया। आत्महत्या से पहले साढ़े पांच बजे का समय सेट कर कुछ ही दूरी पर रह रहे अपने जीजा को व्हाट्सएप पर संदेश भेज इसकी जानकारी दी। संदेश में कमरा अंदर से बंद होने और कमरे की चाबी रखने की जगह भी लिखी हुई थी। जीजा ने जैसे ही संदेश देखा तो तुरंत पत्नी के साथ ससुराल पहुंचा।
डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार ने बताया कि परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी। सुसाइड नोट में मौत का कारण बेटी की गंभीर बीमारी के चलते मानसिक तनाव लिखा है। जांच के बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मरने से पहले दोनों ने कमरे के पंखे व झूमर को उतारकर वहां कुंडे लटकवाए थे। इन्हीं कुंडों पर उन्होंने फंदे डाले।
जतिंद्र रेलवे डाक सेवा में थे कार्यरत, पिता थे पुलिस में
जतिंद्र मूल रूप से करनाल के सीकरी गांव के रहने वाले थे। वह रेलवे डाक सेवा में काम करते थे। पिता महेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से एएसआई सेवानिवृत थे और करीब छह माह पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में सिर्फ मां बिमला देवी बची हैं। एक भाई प्रतीक भी है जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनाडा में रहता है।
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