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इस्माईलाबाद। अनाजमंडी में लगे गेहूं के कट्टों के अंबार। संवाद
इस्माईलाबाद। अनाज मंडी में गेहूं का उठान बेहद धीमी गति से होने के कारण मंडी में गेहूं के कट्टों के अंबार लग गए हैं। अनाज मंडी में गेहूं की फसल डालने के लिए किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनाज मंडी में अब तब गेहूं की साढ़े छह लाख क्विंटल आवक हो चुकी है। इसमें से सरकारी एजेंसियों ने करीब पांच लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद कर ली है लेकिन अनाज मंडी से गेहूं का उठान मात्र एक लाख क्विंटल के करीब ही हुआ है। इस तरह अनाज मंडी में अभी भी 11 लाख के करीब गेहूं के कट्टे उठान की बाट जोह रहे हैं। सरकारी एजेंसियों की ओर से गेहूं का उठान होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। किसान जसविंद्र ठोल, शेर सिंह, बलविंद्र सांगवान, कर्मजीत मल्ली आदि ने कहा कि गेहूं का सही ढंग से उठान न करने वाले ठेकेदार पर नाममात्र जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं है। क्योंकि सरकारी एजेंसियों की ओर से खरीदे गए गेहूं के भुगतान का प्रतिदिन का ब्याज ही कई लाखों में बनता है। सरकार को उठान ठेकेदार की जांच के बाद ही जिम्मेदारी देनी चाहिए। इसके बाद सही उठान नहीं करने पर गेहूं की कुल रकम पर प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज व गेहूं की होने वाली कटौती के अलावा जुर्माना भी ठेकेदार से वसूलकर किसानों व आढ़तियों को देना चाहिए।
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Kurukshetra News: उठान धीमा होने से मंडी में लगे गेहूं के अंबार, किसानों और आढ़तियों को परेशानी