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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि भाजपा सरकार का मकसद जनता को सिर्फ मुद्दों से भटकाना है। वह किसानों, युवाओं तथा महिलाओं के मुद्दों पर जनता को गुमराह कर रही है। हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका था। लोकसभा में 20 सितंबर 2023 को 454 वोटों से पास हुआ था। भाजपा अगर इतनी महिला हितैषी होती तो 2023 में ही इसे लागू कर देती लेकिन उन्होंने डिलिमिटेशन को जोड़कर बिल को उलझाने की कोशिश की। हाल ही में जो संशोधन बिल गिरा है, वह महिला आरक्षण बिल नहीं है, वह केवल परिसीमन संबंधी संशोधन था, जिसमें सरकार देश के इलेक्टोरल मैप को अपने हिसाब से बदलना चाहती थी।
2029 के लोकसभा चुनाव की जमीन खिसकती दिख रही है, इसलिए भाजपा ऐसे प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में अनाज रखने तक की जगह नहीं है, क्योंकि लिफ्टिंग हो नहीं रही। यहां तक कि सरकार द्वारा वारदाना तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। अब तक 20 प्रतिशत लिफ्टिंग भी नहीं हुई और किसानों को भुगतान में 8-10 दिन की देरी हो रही है। किसान सरकार से दुखी होकर छोटी मंडियों जैसे बेरी, दुबल्धन, महम, सांघी, कलाई आदि में ताले लगाने लगे हैं। छोटी मंडियों की तो बद से बदतर हो गई है। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान कभी मंडियों में ऐसी शिकायत नहीं हुई। अब कभी नमी का, कभी डिस्कलर का, कभी रेजिस्ट्रेशन का बहाना बनाया जा रहा है, ताकि एमएसपी ना देनी पड़े लेकिन किसानों की क्षतिपूर्ति और मुआवजे की बात तक नहीं कर रही।
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Haryana: पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर बोला हमला, कहा- महिला आरक्षण नहीं संशोधन बल गिरा




