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-अनुसूचित जाति आयोग की 3 सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची, विभागीय लापरवाही उजागर
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। फिरोजपुर झिरका शहर में हुए दर्दनाक सीवर हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की तीन सदस्यीय जांच कमेटी मौके पर पहुंची। जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर कनिष्ठ अभियंता (जेई) महबूब को सस्पेंड कर दिया गया कमेटी ने बताया कि दो दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अमित संडिला ने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कनिष्ठ अभियंता (जेई) महबूब को सस्पेंड कर दिया गया है। आयोग ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों या ठेकेदार के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि पीड़ित परिवारों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। साथ ही उन्हें आर्थिक सहायता दिलाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि हादसे से प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को फिरोजपुर झिरका में सीवर निर्माण कार्य के दौरान दम घुटने से दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की बाद में मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ, जेई व ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह मामला अब जिले से निकलकर प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। टीम में टीम में निदेशक परमिंदर सिंह, प्रवीण कुमार और सीनियर इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर अमित कुमार शामिल रहे।
ठेकेदार के दस्तावेजों की होगी जांच :
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष यह मामला आया है कि ठेकेदार द्वारा कार्य को सबलेट किया गया था। जो कार्य मौके पर ठेकेदार कर रहा था उसके पास किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज या कोई गुणवत्ता का लाइसेंस नहीं है। लापरवाही उजागर सामने हो रही है। विभाग में किस अधिकारी का मिलनसार है इस बारे में भी जानकारी ली जा रही है सूत्रों से जानकारी मिली है कि ठेकेदार विभाग के ही एक अधिकारी का रिश्तेदार है।
मृतक के परिजनों को दिया जाएगा मुआवजा:
जहरीली गैस से दम घुटने के के कारण हुए हादसे में दो लोगों की मृत्यू के मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के लिए भी अभी तक जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से जांच कमेटी ने नाराजगी जताई। टीम ने नियमानुसार जिला प्रशासन की तरफ से जो सहायता राशि बनती है, उसे तुरंत देने के निर्देश दिए। वहीं समिति की जांच रिपोर्ट आयोग को सौंपने के बाद मुआवजे की घोषणा की जा सकती है।
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Gurugram News: फिरोजपुर झिरका सीवर हादसा-
लापरवाही के आरोप में पब्लिक हेल्थ का जेई निलंबित




