Karnal News: पिछली बार से 3.23 फीसदी बढ़ा परिणाम… बेटियों संग बेटों ने भी लगाई छलांग Latest Haryana News

[ad_1]

करनाल। सीबीएसई ने बुधवार की शाम को कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। इस बार परिणाम पिछली बार से शानदार रहा है। जिले में 3.23 प्रतिशत ज्यादा विद्यार्थी सफल हुए हैं। बेटियों के साथ-साथ बेटों ने भी सफलता की ऊंची छलांग लगाई है। कक्षा 10वीं के कुल 96 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं, जबकि गत वर्ष परिणाम 92.77 प्रतिशत था।

शाम को परिणाम जारी होने से विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। देर रात तक विद्यार्थी परिणाम जानते रहे और स्कूल रिजल्ट कंपाइल करने में जुटे रहे। ऐसे में वीरवार को सुबह स्कूलों में सफलता का जश्न मनाया जाएगा।

करीब चार साल बाद ऐसा हुआ है, जब सीबीएसई ने 10वीं का परिणाम पहले जारी किया है। हर बार कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम एक साथ जारी किया जाता रहा है। इस बार भी जिले में कोई टॉपर घोषित नहीं किया है।

सीबीएसई के परीक्षा नोडल अधिकारी डॉ. राजन लांबा ने बताया कि कुल 13,982 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, इनमें से 13,419 को सफलता मिली है। 419 की कंपार्टमेंट और 144 विद्यार्थी फेल हुए हैं। ओवरऑल परिणाम शानदार रहा है। ज्यादातर स्कूलों का परिणाम 95 प्रतिशत से ऊपर ही रहा है। विदित हो कि जिले के सरकारी समेत 162 सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।

परिणाम एक नजर में

कुल विद्यार्थी : 13982

पास हुए : 13419

कंपार्टमेंट : 419

फेल : 144

विद्यार्थियों ने डीजी लॉकर से देखा परिणाम

सीबीएसई के जिला समन्वयक एवं नोडल अधिकारी डॉ. राजन लांबा ने बताया कि इस बार परिणाम वेबसाइट पर नहीं दिखाई दिया और न ही बोर्ड की ओर से स्कूलों को विद्यार्थियों के परिणाम की सूची दी गई। विद्यार्थियों ने डीजी लॉकर से परिणाम देखा। इसी तरह स्कूलों की ओर से पूरी कक्षा के विद्यार्थियों की सूची तैयार की गई।

सोशल मीडिया पर चली टॉपर की दौड़

परिणाम जानने के बाद हर किसी ने सोशल मीडिया पर रिजल्ट की जानकारी अपलोड की। किसी अभिभावक ने अपने बच्चों तो किसी स्कूल और कोचिंग सेंटर ने अपने विद्यार्थियों के टॉप करने की जानकारी अपलोड की। देर शाम तक जिले में टॉप करने के नाम पर यूं दौड़ चलती रही। एक के बाद एक जब कोई ज्यादा अंकों वाला विद्यार्थी सामने आता तो पिछला शांत हो जाता।

जो पास हुए वे दे सकते हैं अंक सुधार परीक्षा, आवेदन आज से

दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए एलओसी जमा करने की प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होगी। यह प्रक्रिया केवल 5 दिनों के लिए खुली रहेगी। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए सीबीएसई ने सेशन-2 परीक्षा का विकल्प दिया है। यह परीक्षा 15 मई से 1 जून 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। इस दौरान छात्र अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं। इसके अलावा जिनकी कंपार्टमेंट है, वे जुलाई में परीक्षा देंगे।

डॉ. राजन ने बताया कि इस बार सीबीएसई ने परीक्षा प्रबंधन में बड़ा बदलाव किया है। लिस्ट ऑफ कैंडीडेट्स यानी एलओसी से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी अब स्कूलों को दी गई है। स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित स्टाफ को यह सुनिश्चित करना कि कौन से छात्र दूसरी परीक्षा देने के योग्य हैं। सुधार या कंपार्टमेंट वाले छात्रों के विषयों की सही जानकारी दर्ज करनी होगी।

इस बार रिकॉर्ड परिणाम

वर्ष परिणाम प्रतिशत

2026 96

2025 92.77

2024 92.16

2023 94

2022 95


सफलता की तीन कहानियां

लवकेश ने 8 से 10 घंटे पढ़ाई करके पाए 99.2 फीसदी अंक

99.2 अंक से स्कूल में अव्वल रहने वाले लवकेश शर्मा ने रोजाना आठ से 10 घंटे पढ़ाई करके सफलता पाई है। उनका कहना है कि शिक्षकों द्वारा पढ़ाए पाठ्यक्रम को उन्होंने निरंतर रिवाइज किया। कहीं से अतिरिक्त कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ी। उनकी पढ़ाई में शिक्षक परिवार और बड़े भाई ने काफी मदद की। आईएएस अधिकारी बनना उनका सपना है।

अर्णा बंसल ने आज का काम कल पर नहीं छोड़ा

98.8 प्रतिशत अंक से स्कूल में परचम लहरने वाली अर्णा बंसल का कहना है कि उन्होंने निरंतर पढ़ाई की। पूरे वर्ष में स्कूल से भी छुट्टी नहीं ली। रोज का काम रोज ही निपटाते हुए पढ़ाई की। कभी भी रिविजन को भी अगले दिन पर नहीं छोड़ा, इसलिए आज उन्हें सफलता मिली है। उनका कहना है कि रोजाना चाहे थोड़ा पढ़ा लेकिन समझकर पढ़ाई की, इसलिए परीक्षा की तैयारी में भी ज्यादा दिक्कत नहीं आई।


अनंतबीर ने पहले दिन से ही रखी परीक्षा की तैयारी…

98 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अनंतबीर सिंह का कहना है कि वे नियमित पढ़ाई करते रहे, कभी परीक्षा की तैयारी के लिए ही निर्भर नहीं रहे। इसलिए उनका पाठ्यक्रम शुरुआत से ही परीक्षा की तैयारी की तरह ही चला। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई से कभी तनाव नहीं होता। अक्सर पाठ्यक्रम अधूरा रहने पर परीक्षा के नजदीकी समय में तनाव होता है, जिसका असर परिणाम पर भी पड़ता है, वे एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं।

[ad_2]
Karnal News: पिछली बार से 3.23 फीसदी बढ़ा परिणाम… बेटियों संग बेटों ने भी लगाई छलांग