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चंडीगढ़ में गैंग्स्टरों पर कार्रवाई के दावों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठ गया है। दिल्ली पुलिस का वांटेड गैंग्स्टर विकास दहिया उर्फ सोनू उर्फ ठेकेदार करीब तीन महीने तक सेक्टर-38 में किराए के मकान में पहचान बदलकर रह रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले करीब 9 महीनों से फरार चल रहा था और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। वहीं एरिया थाना पुलिस को तो भनक तक नहीं लगी। अवैध शराब कारोबार में भी सक्रिय
जांच में सामने आया है कि विकास दहिया न सिर्फ चंडीगढ़ में छिपकर रह रहा था, बल्कि यहां से संगठित तरीके से अवैध शराब का कारोबार भी चला रहा था। वह शहर में अपने ठिकाने से शराब की सप्लाई तैयार कर उसे तस्करी के जरिए दूसरे राज्यों, खासकर गुजरात तक पहुंचा रहा था, जहां शराब पर प्रतिबंध होने के कारण इसकी मांग ज्यादा रहती है। सूत्रों के मुताबिक, इस काम के लिए वह अलग-अलग लोगों और वाहनों का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा रह सके। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसके संपर्क कई राज्यों में फैले हुए थे और वह एक बड़े नेटवर्क के जरिए इस धंधे को चला रहा था। अगर जांच में ये तथ्य पूरी तरह सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ स्थानीय अपराध नहीं बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैले संगठित अपराध नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। हत्या के मामले में उम्रकैद जमानत पर बाहर
आरोपी हरियाणा के खरखौदा (सोनीपत) का रहने वाला है। वर्ष 2010 में हत्या के एक मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद जुलाई 2025 में दिल्ली के सुराखपुर निवासी नेशनल लेवल गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर विकास डागर उर्फ भिंडा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
30 जुलाई 2025 की इस वारदात के बाद वह फरार हो गया था। 18 अक्टूबर 2025 को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस हत्याकांड में सुमित राणा उर्फ छोटू और कृष्ण दहिया उर्फ महाराज भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो अभी फरार हैं। प्रेमिका बनी गिरफ्तारी की वजह
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान उसकी प्रेमिका के बारे में अहम जानकारी मिली, जो उसके फरार होने के बाद चंडीगढ़ में रह रही थी। इसी आधार पर पुलिस टीम चंडीगढ़ पहुंची और कई दिनों तक गुप्त रूप से रेकी की।
तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। विकास ने पहचान छिपाने के लिए अलग नाम से मकान किराए पर लिया था और प्रेमिका से भी दूरी बना रखी थी। उसकी पहचान बाईं आंख के नीचे कट के निशान से की गई। स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं
दिल्ली पुलिस ने पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सेक्टर-38 में दबिश देकर विकास को गिरफ्तार किया और उसे अपने साथ दिल्ली ले गई। पुलिस उसके एक अन्य साथी को जीरकपुर से पकड़ने की तैयारी में थी, लेकिन वह फरार हो गया। इस पूरे मामले ने चंडीगढ़ पुलिस के खुफिया नेटवर्क और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां गैंग्स्टर गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक वांटेड अपराधी का महीनों तक शहर में बेखौफ रहना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को उजागर करता है।
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चंडीगढ़ में 3 महीने छिपा रहा वांटेड गैंग्स्टर विकास दहिया: दिल्ली पुलिस ने सेक्टर-38 से दबोचा,हत्या केस में 9 महीने से फरार,प्रेमिका से मिला सुराग – Chandigarh News


