Sonipat News: मनन ने 99.9 प्रतिशत अंक लाकर बढ़ाया जिले का मान Latest Sonipat News

सोनीपत। सीबीएसई ने कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। शहर के जानकीदास कपूर पब्लिक स्कूल के छात्र मनन वाधवा ने 99.9 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, शिवा शिक्षा सदन की सानवी, ब्राइट स्कॉलर स्कूल के अनंत व समीश गुप्ता ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

सीबीएसई के जिला समन्वयक प्रेम कुमार ओझा ने बताया कि इस वर्ष जिले में करीब 9000 विद्यार्थियों ने 10वीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम आने के बाद स्कूल प्रबंधन, विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल रहा। परीक्षा परिणाम जानने के लिए अधिकतर विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।


डॉक्टर बनना चाहते हैं मनन

99.9 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले मनन ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनना है। इस पेशे के जरिए वे दूसरों की सेवा करना चाहते हैं। इस सपने को पूरा करने के लिए वे कक्षा 11वीं में मेडिकल लेकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनके पिता विभोर वाधवा एक निजी कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं जबकि मां शालिनी वाधवा गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि मनन शुरू से ही पढ़ाई में होनहार है। पूरे साल अवकाश के दिन भी रोजाना 4 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करते थे। उन्हें विश्वास है कि वह एक दिन डॉक्टर जरूर बनेगा।

ट्यूशन की नहीं ली मदद, शिक्षकों से लिया सभी शंकाओं का समाधान

छात्रा सानवी छिक्कारा ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। वह 11वीं कक्षा में मेडिकल लेकर पढ़ाई करते हुए नीट परीक्षा की तैयारी करेंगी। उनका लक्ष्य डॉक्टर बनकर लोगों के कष्ट दूर करना है। उन्होंने बताया कि 10वीं में उन्होंने कहीं ट्यूशन नहीं लिया था। जो स्कूल में पढ़ाया जाता उसी की घर आकर 5 से 6 घंटे तक अभ्यास करती थी और किसी भी विषय में शंका होने पर शिक्षकों से मिलकर उसका समाधान करती थीं। इस दौरान उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी। बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही मोबाइल फोन का प्रयोग किया। सानवी के पिता विकास छिक्कारा फिजिक्स लेक्चरर व मां सरिता छिक्कारा साइंस की टीचर हैं।

इंजीनियर बन देश सेवा करना चाहते हैं अनंत

99.2 प्रतिशत अंक लाने वाले अनंत नेहरा ने आईआईटी की तैयारी कर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने परीक्षा से दो माह पहले रोजाना 3 सैंपल पेपरों को सॉल्व करके तैयारी पुख्ता की। उन्होंने बताया कि स्कूल में रोजाना जो पढ़ाया जाता था घर आकर करीब 3 घंटे तक उसका रिवीजन करते थे। अलग से कोई ट्यूशन नहीं लिया। पुराने प्रश्नपत्र के आधार पर नोट्स तैयार किए। पढ़ाई के काम के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता भूपेंद्र नेहरा व्यवसायी हैं जबकि मां निधि नेहरा नरेला स्थित एक स्कूल में प्राचार्य हैं।

आईएएस बनना चाहते हैं समीश

समीश गुप्ता ने 99.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। समीश का सपना आईएएस अधिकारी बनने का है। वह बड़े होकर देश सेवा में जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। समीश ने बताया कि परीक्षा के लिए उन्होंने अलग से कोई ट्यूशन नहीं ली। शिक्षकों ने स्कूल समय में जो पढ़ाया घर पर उसी को अच्छे से रिवीजन किया। स्कूल के अलावा घर में रूटीन बनाकर 4 से 5 घंटे पढ़ाई करते थे। उनके पिता मनीष गुप्ता प्राइवेट जॉब करते हैं जबकि मां वंदना गुप्ता गृहिणी हैं।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

अनंत नेहरा।

Sonipat News: मनन ने 99.9 प्रतिशत अंक लाकर बढ़ाया जिले का मान