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चंडीगढ़ सेक्टर-28 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल की पानी की टंकी की सफाई के दौरान उसमें से तीन मरे हुए बंदर मिले, जिसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया।
हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से विद्यार्थी इसी टंकी के पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। दरअसल यहां लगभग 10 पानी की टंकी हैं, इनमें से 7 को लोहे की जाली से कवर किया गया है, बाकी खुली पड़ी हैं।
जब इस बारे में स्कूल प्रबंधन से पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी घटना से इनकार कर दिया, लेकिन विद्यार्थियों ने खुद पूरी सच्चाई बता दी। बच्चों के अनुसार टंकी से मरे हुए बंदर निकले थे। उन्होंने बताया कि पानी से बदबू आ रही थी, इसलिए वे ज्यादातर घर से पानी लेकर आते हैं। यह मामला तब सामने आया जब कर्मचारी नियमित सफाई के लिए टंकी खोल रहे थे। सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अगर बच्चे स्कूल का पानी पीते, तो गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता था।
स्कूल में स्थायी प्रिंसिपल ही नहीं
स्कूल में स्थायी प्रिंसिपल की पोस्ट लंबे समय से खाली पड़ी है। जो ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपल हैं, उन्हें भी सीबीएसई की पेपर जांच ड्यूटी पर भेज दिया गया है। ऐसे में स्कूल की निगरानी और व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्थिति यह है कि कई अभिभावकों को अपने बच्चों के जरूरी दस्तावेज अटेस्ट करवाने के लिए स्कूल आना पड़ा, लेकिन प्रिंसिपल के न होने के कारण उन्हें बिना काम के ही लौटना पड़ा।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
बच्चों को लेने आए अभिभावक अशोक और कमला ने कहा कि बच्चे ने उन्हें बंदर निकलने के बारे में बताया है। उन्होंने बच्चों से पूछा कि उन्होंने स्कूल में पानी तो नहीं पिया। इस घटना के बाद अभिभावकों में बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को दिखाती है।
मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। – नितिश सिंगला, डायरेक्टर शिक्षा विभाग
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चंडीगढ़ में घोर लापरवाही: सरकारी स्कूल की टंकी में मरे थे तीन बंदर, बच्चे पी रहे थे वही पानी; मचा हड़कंप


