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2 घंटे पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु
हाल ही में जब मैं अपनी बिल्डिंग में लिफ्ट का इंतजार कर रहा था तो पीछे से वॉचमैन आकर बोला कि ‘सर, लिफ्ट मेंटेनेंस में है, कुछ देर के लिए बिजली कटौती है। ऊपरी फ्लोर पर काम चल रहा है। इसे ठीक होने में 20 मिनट लगेंगे।’
मैं उसे धन्यवाद देकर सीढ़ियां चढ़ने ही वाला था कि लिफ्ट के इंतजार में खड़े एक बुजुर्ग बोले, ‘सर, आपको दिक्कत न हो तो क्या आप यह सामान इस फ्लैट नंबर पर दे देंगे? मुझे सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हो रही है।
मैं फ्लैट मालिक को फोन करता, लेकिन मेरा फोन दुकान में रह गया और बिजली के बिना इंटरकॉम भी काम नहीं कर रहा।’ उनके विनम्र लहजे, साफ भाषा और अंग्रेजी के शब्दों को सुन कर मुझे पलट कर उन्हें ध्यान से सुनना पड़ा।
तभी वॉचमैन बीच में बोला, ‘अंकल जी, आप थोड़ा इंतजार कर लीजिए, मरम्मत पूरी होने पर मैं मदद कर दूंगा।’ लेकिन फ्लैट नंबर देखकर मैंने पार्सल ले लिया, क्योंकि वह मेरे पुराने परिचित का ही था। साथ ही मुझे लगा कि वह बुजुर्ग डिलीवरी मैन काफी कमजोर हैं और सीढ़ियां नहीं चढ़ पाएंगे। वैसे भी मैं शाम को उन परिचित की तबीयत पूछने उनके घर जाने वाला था।
पार्सल लेते समय मैंने उनसे पूछा कि ‘क्या आप मुझे जानते हैं?’ बुजुर्ग ने सिर हिलाकर मेरा नाम और फ्लैट नंबर सही-से बता दिया। दरअसल, वे मेरे घर भी किराना पहुंचाते रहे हैं, क्योंकि उनका स्टोर हमारी बिल्डिंग से कुछ दूरी पर ही है। जब मैंने उनसे पूछा कि वे इस उम्र में काम क्यों करते हैं, तो जवाब सुनकर मुझे समाज में बढ़ते ‘अन-रिटायर्ड’ लोगों के बारे में सोचना पड़ा।
अगर आप आसपास देखें तो 70 पार के कई लोग कुछ घंटों के लिए गिग जॉब्स कर रहे हैं। कोई आर्थिक कारणों से, कोई घर के नकारात्मक माहौल से बचने के लिए, कोई अपनों के तानों से बचने के लिए, कोई जीवनसाथी की मृत्यु के बाद अकेलेपन से निकलने के लिए। कुछ के लिए रिटायरमेंट के बाद दिन इतने लंबे और खाली हो गए हैं कि काटने को दौड़ते हैं।
78 वर्षीय यह बुजुर्ग कई दशकों तक वेडिंग फोटोग्राफर रहे, लेकिन धीरे-धीरे यह काम शारीरिक रूप से मुश्किल हो गया। इसीलिए वे डिलीवरी करने लगे। साथ ही वे बर्थडे या हाउसिंग सोसाइटीज के छोटे आयोजनों की फोटोग्राफी के लिए अपना विजिटिंग कार्ड देते हैं। उन्होंने बताया कि ‘चूंकि मेरी अंग्रेजी अच्छी है तो किराना स्टोर मालिक मुझे ग्राहकों से बात करने देते हैं।
वहां मैं बताता हूं कि मैं फोटोग्राफर हूं और उनके घरों में छोटे इवेंट के फोटो शूट कर सकता हूं।’ उन्होंने बताया कि उनके जैसे कई लोग छोटे डॉगी घुमाने, कॉल टैक्सी चलाने जैसे काम करते हैं, ताकि रूट कैनाल जैसे महंगे इलाज करा सकें। उन्हें ये काम गिग प्लेटफॉर्म्स से मिलते हैं। अतिरिक्त कमाई उन्हें अचानक आने वाले खर्चों से निपटने में मदद करती है और व्यस्त भी रखती है।
अगर उनकी तरह आपकी भी गिग प्लेटफॉर्म्स पर काम की इच्छा होती है, क्योंकि इसमें आप अपने मुताबिक समय तय कर सकते हैं तो पहले थोड़ा रिसर्च जरूर कर लें कि कंपनी आपकी कमाई का कितना हिस्सा लेगी। क्योंकि कमाई इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के कंट्रोल में होती है।
ड्राइविंग आपकी पीठ और पैरों के लिए कठिन हो सकती है और बढ़ती उम्र में चलते हुए रेस्ट रूम ढूंढना मुश्किल होता है। यह भी याद रखें कि ऐसे कामों में वर्कप्लेस प्रोटेक्शन नहीं होता। यदि आप काम के दौरान टूटी सड़क पर गिरे या आपका एक्सीडेंट हुआ तो आप अपने भरोसे ही हैं।
फंडा यह है कि जिस दिन से मेरी मुलाकात उस बुजुर्ग गिग डिलीवरीमैन से हुई, मेरे अंदर दयाभाव बढ़ गया है। अब मैं हर बुजुर्ग को अलग नजरिए से देखता हूं।
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एन. रघुरामन का कॉलम: जब आप ‘अन–रिटायर्ड’ लोगों से मिलते हैं तो दयाभाव दोगुना बढ़ जाता है


