Rohtak News: होम्योपैथी पर बढ़ रहा भरोसा…पांच साल में ओपीडी 20 से 60 पहुंची Latest Haryana News

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रोहतक। वर्तमान में समय के साथ होम्योपैथी इलाज की तरफ लोगों का भरोसा बढ़ता दिखाई दे रहा है। नागरिक अस्पताल में लगने वाली ओपीडी में करीब पांच साल पहले रोजाना 20 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर 50 से 60 तक पहुंच गई है।

इनमें त्वचा संबंधी रोगी अधिक पहुंच रहे हैंं। छह महीने पुरानी एलर्जी में मरीजों को 80 प्रतिशत तक आराम मिल रहा है। इस आराम का समय मरीज की स्थिति व इलाज के दौरान बरती सावधानी पर निर्भर करता है। अब भी मरीज छह महीने तक दूसरी पद्धति से इलाज लेेने के बाद आ रहे हैं।

अस्पताल में कार्यरत डॉ. नेहा ने बताया कि समय के साथ मरीजों का होम्योपैथी इलाज पर भरोसा बढ़ रहा है। इसका असर ओपीडी में भी देखने को मिल रहा है। वे पिछले छह साल से अस्पताल में होम्योपैथी उपचार के लिए सेवाएं दे रही हैं। संवाद


लक्षण के आधार पर होता है इलाज

डॉ. नेहा ने बताया कि होम्योपैथी में समान बीमारी में भी लक्षणों की विभिन्नता से दवा देकर इलाज किया जाता है। उदहारण के तौर पर अगर किसी को बुखार है लेकिन दोनों में कुछ लक्षण अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं, ऐसे में दोनों को अलग-अलग दवाई दी जाती है जबकि एलोपैथी में ऐसा कम देखने को मिलता है।


त्वचा संबंधी रोगाें के अधिक मरीज आ रहे : डॉ. नेहा

डॉ. नेेहा का कहना है कि ओपीडी में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों में त्वचा संबंधी रोगाें के अधिक मरीज होते हैंं। इनमें कई तो छह महीने पुरानी त्वचा समस्याओं के ग्रसित होते हैं। ये पहले एलोपैथी दवाई खाते रहे। फिर छह महीने बाद इलाज के लिए के पहुंचे तो इलाज शुरू किया। इलाज के दो से तीन महीने बाद ही असर दिखाई देने लगा। 80 प्रतिशत तक स्थिति में सुधार हुआ। वहीं होम्योपैथी में दुष्प्रभावों के भी कम आसार होते हैं। इसके इलाज के बाद मरीज सही होने की तरफ बढ़ता है। शरीर को भी मजबूती मिलती है।

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Rohtak News: होम्योपैथी पर बढ़ रहा भरोसा…पांच साल में ओपीडी 20 से 60 पहुंची