Bhiwani News: किसी की आंखों की रोशनी तो किसी के दिल में धड़केंगे भिवानी के जूई कलां के विजेंद्र, ब्रेन डेड होने पर परिजनों ने अंग दान किए Latest Haryana News

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भिवानी, रोहतक। पीजीआई रोहतक में ब्रेन डेड लाए गए भिवानी के जूई कलां निवासी विजेंद्र (37) अपनी मौत के बाद भी दो राज्यों के आठ लोगों को नया जीवन दे गए। परिजनों ने विजेंद्र के दो कॉर्निया, हृदय, लिवर, फेफड़े व किडनी दान कर दी। वीरवार को ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर विजेंद्र के अंग सुरक्षित तरीके से गुरुग्राम और एम्स दिल्ली पहुंचाए गए।

पीजीआई के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि तीन अलग-अलग एंबुलेंस के जरिए अंग ले जाए गए। पहले राउंड में हृदय दिल्ली रवाना किया गया। इसके बाद फेफड़े, लिवर और किडनी भेजी गई। प्रत्येक अंग के साथ पुलिसकर्मियों की तीन गाड़ियां आगे और पीछे चल रही थीं। अंगों को समय पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए हर गाड़ी में पांच पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर भी गाड़ी निकालने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। अंग निकालने के बाद विजेंद्र के पार्थिव शरीर को पुष्पवर्षा के साथ विदाई दी गई।

पिता बोले-मेरा बेटा नहीं रहा लेकिन अंग दूसरों के काम आएंगे

भिवानी निवासी पिता राजबीर ने बताया कि 26 मार्च को गंभीर दिमागी चोट के चलते वह अपने बेटे विजेंद्र को पीजीआई लेकर पहुंचे थे। यहां सात दिन उपचार चला लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) टीम ने उन्हें समझया कि ब्रेन डेड विजेंद्र के अंग दूसरों काे जीवन दे सकते हैं। इसी के बाद उन्होंने अंगदान का फैसला लिया। राजबीर बोले-मेरा बेटा तो नहीं रहा लेकिन मन में शांति है कि उसके अंग दूसरों के काम आएंगे।

ब्रेन डेड की पुष्टि के लिए गठित की गई थी कमेटी

विजेंद्र के सात अप्रैल को ब्रेन डेड होने की संभावना के चलते ब्रेन डेड कमेटी गठित की गई। इसमें डॉ. एआर बंसल, एनेस्थेसियोलाॅजिस्ट डॉ. तरुण, न्यूरोसर्जन डॉ. अमरनाथ शामिल थे। टीम ने विजेंद्र की दो बार ब्रेन डेड टेस्टिंग की। जांच में पुष्टि होने के बाद ही मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया। बुधवार को नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के तालमेल के बाद वीरवार सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक अंग निकाले गए। इसमें विभिन्न अस्पतालों के विशेषज्ञ अंग निकालने के लिए पीजीआई पहुंचे थे।

इन अस्पतालों के मरीजों को मिलेगा नया जीवन

विजेंद्र का कार्निया पीजीआईएमएस रोहतक, हृदय फोर्टिस एसकोर्ट अस्पताल नई दिल्ली, फेफड़े आरटीएमएस अस्पताल गुरुग्राम, लिवर एम्स नई दिल्ली व किडनी पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती मरीज के काम आएंगे।

रोहतक पीजीआई में तीसरा मल्टी ऑर्गन दान

पीजीआई के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि इससे पूर्व पीजीआई से दो मल्टी ऑर्गन दान हैं। यह तीसरा ब्रेन डेड मल्टी ऑर्गन दान है। यह पहली बार हुआ है कि सारे अंग दान हो पाए हैं। यह सारे अंग किसी दूसरे के लिए नई जिंदगी का कारण बनेंगे।


एक जीवन के अंत से 8 लोगों को नई जिंदगी मिलना ही असली दान है। भिवानी के विजेंद्र के परिजनाें ने अपने बेटे का अंगदान कर सिखाया है कि जीवन में दान की कीमत क्या होती है। युवक के परिजनों को हृदय से आभार और सलाम। दूसरों को भी अंगदान के लिए आगे आना चाहिए। – आरती राव, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार।

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Bhiwani News: किसी की आंखों की रोशनी तो किसी के दिल में धड़केंगे भिवानी के जूई कलां के विजेंद्र, ब्रेन डेड होने पर परिजनों ने अंग दान किए