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फतेहाबाद। जिला मुख्यालय में 29 मार्च को हुई ओलावृष्टि से खेतों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 7 गांवों के लिए पोर्टल खोल दिया है। ज्यादा नुकसान वाले गांव में बरसीन और दरियापुर को भी शामिल किया गया है। पहले प्रशासन ने इन गांवों में कम नुकसान बताया था।
जिला राजस्व अधिकारी श्यामलाल ने बताया कि मार्च/अप्रैल के दौरान ओलावृष्टि व वर्षा से रबी फसलों को हुए नुकसान के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 15 अप्रैल तक खोला है। जिले के प्रभावित गांव बरसीन, भिरड़ाना, भूथन कलां, बिसला, दरियापुर, झलनियां, माजरा गांवों के किसान इस अवधि के दौरान पोर्टल पर अपनी फसल नुकसान की क्लेम ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।
किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे संबंधित दस्तावेजों सहित पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है। 29 मार्च को शाम के समय ओलावृष्टि हुई थी। करीब 20 गांवों में ओलावृष्टि हुई, जिसमें प्रशासन ने पहली रिपोर्ट में बिसला, माजरा, भूथनकलां, झलनियां और भिरड़ाना में 50 से 80 फीसदी नुकसान श्रेणी की रिपोर्ट भेजी थी।
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बरसीन और दरियापुर की बदली रिपोर्ट
गांव बरसीन और दरियापुर को भी ज्यादा नुकसान की श्रेणी रिपोर्ट में शामिल किया है। जबकि पहले इन दोनों गांवों में 20 फीसदी नुकसान प्रशासन ने बताया था। वहीं पोर्टल खुलवाने का दावा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने किया है। जोड़ा का कहना है कि उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी से बात करके पोर्टल खुलवाया है।
प्रशासन ने चार गांवों में बताया 20 फीसदी नुकसान
प्रशासन ने शुरुआत में 11 गांवों की रिपोर्ट भेजी थी। इसमें से सात गांवों को 50 से 80 फीसदी नुकसान की श्रेणी में शामिल किया है। जबकि गांव हिजरावां कलां, अकांवाली, दौलतपुर व करनौली में 20 फीसदी नुकसान बताया गया है। 15 अप्रैल के बाद राजस्व विभाग नुकसान वाले गांवों में गिरदावरी शुरू कर सकता है।
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