फिर याद आया 64 साल पुराना ब्लैक सैटरडे: ईरान जैसी स्थिति ही बन गई थी तब; खतरनाक हमले की चर्चाएं हुई थी शुरू Chandigarh News Updates

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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

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बीते 24 घंटे के भीतर पूरी दुनिया एक बेहद तनाव से गुजरी। दरअसल कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर ईरान की पूरी सभ्यता को खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप क्या करने वाले हैं। क्या वास्तव में ईरान पर परमाणु हमला हो जाएगा लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि अमेरिका के साथ हुए युद्ध में समूची दुनिया इस तनाव में रही हो कि परमाणु हमला होगा या नहीं। 


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आज से ठीक 64 वर्ष पहले 27 अक्तूबर 1962 में भी बिलकुल इसी तरह का तनाव था। पूरी दुनिया में सांसें रुकी हुई थीं कि क्या क्यूबा के समुद्र से अमेरिका पर परमाणु हमला हो जाएगा या तुर्किये से रूस पर अमेरिकी मिसाइल परमाणु अटैक कर देंगी लेकिन उस दिन भी वहां पर ठीक 8 अप्रैल 2026 की तरह एक समझौता हुआ। परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़े दो बड़े देश शांति समझौते के साथ अपने-अपने देश में वापस लौट गए।

सोची समझी रणनीति के तहत दी धमकी

90 वर्षीय इतिहासकार और वॉर वेटरन रिटायर्ड ब्रिगेडियर त्रिलोचन सिंह कहते हैं कि जिस तरीके का तनाव अमेरिका और ईरान के युद्ध के दौरान बीते 24 घंटे में दिखा, वह कम से कम दुनिया के उन अनुभवी लोगों के लिए बिल्कुल नया नहीं है जो अमेरिका को करीब से समझते रहे हैं। 

 

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फिर याद आया 64 साल पुराना ब्लैक सैटरडे: ईरान जैसी स्थिति ही बन गई थी तब; खतरनाक हमले की चर्चाएं हुई थी शुरू