[ad_1]
चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर अब पूरी तैयारी हो गई है. जहां सभी की नजरें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर है वहीं दक्षिण के राज्य केरल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर भी हर जगह चर्चा हो रही है. इन दो राज्यों में बीजेपी की संभावना जीतने की कितनी है इसको लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं. इसी बीच एक ओपिनियन पोल ने अनुमान लगाया है कि केरल में बीजेपी की हालत बेहद खराब है.
इंडिया टीवी पर दिखाए गए MATRIZE ओपिनियन पोल के मुताबिक केरल में LDF को 62-68 सीटें, UDF को 67-73 सीटें, बीजेपी को 05-08 सीटें और अन्य को 0-3 सीटें मिलने का अनुमान है. यानी साफ है बीजेपी अपने दम पर केरल में कोई बड़ा चमत्कार करते नहीं दिख रही है.
यह सर्वे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए बेहद खुशखबरी लेकर आया है. गठबंधन की बहुमत मिलने की संभावना है. LDF पिछले करीब एक दशक से केरल में सरकार चला रही है.
केरल चुनाव के लिए आज थमेगा सार्वजनिक प्रचार
केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को समाप्त होने के बीच कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने सोमवार को एक-दूसरे पर तेज हमले किए. एलडीएफ ने एक प्रगति रिपोर्ट जारी कर दावा किया है कि उसने 2021 के अपने 97 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं.
निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 1.32 करोड़ पुरुषों, 1.39 करोड़ महिलाओं और 273 तृतीय लिंग सहित कुल 2.71 करोड़ मतदाता तथा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं.
यह चुनाव 140 सीट के लिए मैदान में उतरे 890 उम्मीदवार के भाग्य का फैसला करेगा. चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा के बीच ‘‘समझौते’’ का आरोप लगाया. उसने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के आवास के लिए कांग्रेस द्वारा जुटाई गई राशि के कुप्रबंधन का आरोप लगाया. इन मुद्दों को लेकर दलों के बीच तीखी बयानबाजी हुई.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां और रोड शो किए. राज्य की राजनीति पर लंबे समय से कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) और माकपा नीत एलडीएफ का दबदबा रहा है.
इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए उलटी गिनती शुरू होने के बीच गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को राज्य में प्रचार किया. सत्तारूढ़ एलडीएफ के प्रचार अभियान का नेतृत्व माकपा के वरिष्ठ नेता एवं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने किया.
शाह ने केरल के तटीय जिले अलाप्पुझा के हरिपद में राजग उम्मीदवार संदीप वाचस्पति के समर्थन में एक विशाल रोडशो किया. राहुल और प्रियंका ने त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और कन्नूर जिलों में कांग्रेस नीत गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में अलग-अलग चुनावी सभाओं को संबोधित किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत यूडीएफ को हराने के लिए भाजपा एवं माकपा के बीच ‘‘समझौता’’ हुआ है. इस बीच, माकपा नीत एलडीएफ ने कन्नूर में अपनी प्रगति रिपोर्ट जारी की, जिसमें विजयन ने दावा किया कि 2021 में किए गए लगभग 97 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए गए हैं.
[ad_2]
इस बड़े राज्य में सिर्फ 8 सीटों पर सिमट सकती है बीजेपी, इस सर्वे में बढ़ाई टेंशन



