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रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर पहले से परेशान उपभोक्ताओं की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। गैस कंपनियों की ओर से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) अनिवार्य किए जाने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है।
अब जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पंजीकृत हैं, उन्हें स्वयं डिलीवरी बॉय को कोड बताना जरूरी है तभी सिलिंडर की डिलीवरी हो रही है। चंडीगढ़ की विभिन्न गैस एजेंसियों पर पिछले कई दिनों से भारी भीड़ देखी जा रही है।
राम दरबार, बुड़ैल (सेक्टर-45) और मलोया जैसे क्षेत्रों में लोग सुबह से कतारों में लग रहे हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को शाम तक खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। रतन, मुनीष व अन्य ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या डीएसी और ई-केवाईसी प्रक्रिया की आ रही है। कुछ उपभोक्ताओं ने कहा कि मोबाइल पर कोड मिलने और भुगतान करने के बावजूद एजेंसी के रिकॉर्ड में डाटा सिंक न होने के कारण रिफिल नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, जिनका ई-केवाईसी अधूरा है, उनकी बुकिंग स्वतः होल्ड पर चली जा रही है। इधर, चंडीगढ़ प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां के निवासियों को तीन माह के भीतर कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद की जा सकती है। इसके लिए इंडियन ऑयल अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड को पाइपलाइन विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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LPG Crisis: गैस के लिए परेशान उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ीं, अब DAC देना होगा वरना नहीं मिलेगा सिलिंडर

