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चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात में शामिल शूटरों की मदद करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहाली के जुझार नगर निवासी जानू मलिक, बुडैल निवासी कमलप्रीत और गांव मलोया निवासी राहुल शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये तीनों आरोपी हत्या करने वाले शूटरों की मदद कर रहे थे। तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई डीएसपी क्राइम ब्रांच लक्ष्य पांडे की निगरानी में की गई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, ताकि हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। हथियार, बाइक और पैसों से की मदद जांच में सामने आया है कि किसी आरोपी ने शूटरों को मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई, तो किसी ने उन्हें पैसे और अन्य मदद दी। ये सभी आरोपी लगातार शूटरों के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों की जानकारी रखते थे, जैसे वे कहां ठहरे हैं और कहां आ-जा रहे हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर लकी पटियाल, जिसने इस हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली है, उसका इन गिरफ्तार आरोपियों से कोई सीधा संपर्क था या नहीं। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों के मोबाइल फोन की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले और बाद में उन्होंने किन-किन लोगों से बात की, किसके फोन आए और उनकी लोकेशन कहां-कहां रही। चंडीगढ़ पुलिस से पहले एजीजीएफ ने दबोचा प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी की हत्या करने वाले दोनों आरोपी आरोपी राजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को हरियाणा में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ कैथल में हुई। ये कार्रवाई पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने की। एजीटीएफ के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में टीम ने भी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार बरामद किए हैं। थ्रेट कॉल के कारण चंडीगढ़ आता था वहीं दोस्त बलकार सिंह ने मामले में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा- चमनप्रीत नागरा और मुझे काफी समय से थ्रेट कॉल्स आ रही थीं। वह हमेशा हमारी मदद करता था, अफसरों के पास लेकर जाता था। बलकार सिंह ने बताया- इन थ्रेट कॉल्स की वजह से चमनप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में जिम करने जाता था। वह कहता था कि सेफ जगह है। वहां वीआईपी लोग आते हैं। वहां मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन वहां आकर भी उसे गोलियां मार गए। उन्होंने कहा- मेरा और चमनप्रीत का प्रशासन ने आर्म्स लाइसेंस नहीं बनाया। अब प्रशासन लाइसेंस अपने पास रख ले। हमारा तो भाई अब लौटकर नहीं आएगा। चमनप्रीत की हत्या की प्लानिंग 2-3 से चल रही थी। गैंगस्टर लक्की पटियाल ने जिम्मेदारी ली बता दें कि बुधवार को जिम से निकलने के बाद चमनप्रीत की 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। चमनप्रीत मुल्लांपुर (मोहाली) के कुब्बाहेड़ी गांव में रहता था।
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चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड-हरियाणा से 3 मददगार काबू: पिस्टल बरामद, लगातार हत्यारों के सपर्क में थे, गैंगस्टर लिंक की होगी जांच – Chandigarh News

