[ad_1]
कचरे के ढेर से मिला स्पीकर दो जेन-जी भाइयों की जिंदगी बदल देगा, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अमेरिका के बोस्टन के पास स्थित नॉरवुड शहर के रहने वाले किर्क और जैकब मैकिन्नी ने इसी छोटे से अनुभव से प्रेरित होकर 2021 में ‘जंक टीन्स’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जिसकी सालाना कमाई अब 28 करोड़ रुपए से ज्यादा है। दोनों भाइयों ने 3.5 लाख रुपए में पुराना पिकअप ट्रक खरीदकर इस बिजनेस को शुरू किया था। अब उनके पास पांच डंप ट्रक हैं और करीब 10-15 कर्मचारी उनके यहां काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। इस सफल बिजनेस की शुरुआत भी एक छोटे से अनुभव से हुई। बड़ा भाई किर्क मैकिन्नी साइकिल से स्थानीय डंप यार्ड जाते थे, एक दिन उन्हें वहां एक वर्किंग कंडीशन में स्पीकर मिला। इसके बाद वे लगातार वहां जाने लगे और इस्तेमाल लायक सामान इकट्ठा कर सोशल मीडिया पर बेचने लगे। इसी दौरान उन्हें ऐसे लोग भी मिले, जो अपने घरों से कबाड़ हटवाने के लिए पैसे देने को तैयार थे। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपनी बचत से पिकअप ट्रक खरीदा और घर-घर जाकर कबाड़ उठाने का काम शुरू किया। उन्होंने तकनीक का उपयोग करके बुकिंग और लॉजिस्टिक्स को इतना आसान बना दिया कि ग्राहकों के लिए कचरा हटवाना एक क्लिक का काम रह गया। शुरुआत में वे लैंडस्केपिंग और मूविंग जैसे काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे जंक रिमूवल (बेकार सामान उठाना) उनका सबसे सफल काम बन गया। अब जैकब मैकिन्नी कहते हैं, ‘शुरुआत में हमें नहीं पता था कि हम बिजनेस बना रहे हैं, लेकिन यही काम सबसे मजेदार और सबसे ज्यादा कमाई वाला साबित हुआ।’ आज “जंक टीन्स’ एक बड़ा जंक रिमूवल और रीसेलिंग बिजनेस बन चुका है। अब वे हर काम के लिए औसतन 40,000 से 50,000 हजार चार्ज करते हैं। ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से आ रहा बड़ा बदलाव इस बिजनेस की खूबी कचरे से कमाई वाला मॉडल है। कबाड़ हटाने के बदले वे फीस तो लेते ही हैं, साथ ही हटाए गए सामान में से रिसाइकिल करने योग्य वस्तुओं को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी करते हैं। दोनों भाई ट्रक में आए सामान को सीधे डंप करने के बजाय पहले उसे छांटते है। वे पुराने स्पीकर, फर्नीचर, साइकिल, फ्रिज और ऐसी मशीनें ढूंढते, जिन्हें थोड़ा साफ या ठीक करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद वे ऑनलाइन साइट्स पर बेच देते। उनका लक्ष्य अब इस स्टार्टअप को पूरे देश में फैलाना है और ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में तकनीक के माध्यम से बड़े बदलाव लाना है।
[ad_2]
कचरे में मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़पति: 3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस




