Karnal News: देबन गांव की सिमरन ने जूडो में बनाई पहचान Latest Haryana News

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कैथल। देबन गांव की बेटी सिमरन कायरों ने जूडो खेल में अपनी मेहनत और लगन से लगातार नई ऊंचाइयों को छूते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। 20 वर्षीय सिमरन ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा और समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

सिमरन आरकेएसडी कॉलेज में बीए की छात्रा हैं और उन्होंने 12 साल की उम्र में जूडो खेलना शुरू किया था। पिछले 9 वर्षों से वह निरंतर अभ्यास कर रही हैं। वर्तमान में वह छोटू राम इंडोर स्टेडियम में कोच जोगिंदर जागलान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।

सिमरन की दिनचर्या बेहद अनुशासित है। वह रोजाना सुबह 2 घंटे और शाम को 3 घंटे कड़ा अभ्यास करती हैं। उनका संबंध एक साधारण किसान परिवार से है। पिता सतबीर कायरों खेती करते हैं।

परिवार में एक भाई और एक बहन हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सिमरन को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम आज उनकी उपलब्धियों के रूप में सामने है।

सिमरन का लक्ष्य भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उनकी सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देबन गांव और कैथल जिले को गर्व है।

सिमरन आज युवाओं, खासकर बेटियों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं, जो यह संदेश देती हैं कि मेहनत और समर्पण से हर सपना पूरा किया जा सकता है।

सिमरन की उपलब्धियां

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सीनियर रैंकिंग जूडो नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

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सीनियर नेशनल जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक

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हांगकांग में आयोजित एशियन कप में कांस्य पदक

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कोरिया में आयोजित सीनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

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Karnal News: देबन गांव की सिमरन ने जूडो में बनाई पहचान