धुंधली न हो आंखों की रोशनी…मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें Health Updates

[ad_1]

How To Prevent Cataracts Naturally: आंखों की रोशनी उम्र के साथ कमजोर होना आम बात है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है. कैटरेक्ट भी ऐसी ही एक समस्या है, जो उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि कि आखिर यह दिक्कत क्यों होती है?

उम्र बढ़ने से होती है दिक्कत

दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ आंखों का लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है, जिससे साफ दिखाई देना मुश्किल हो जाता है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे धूप में ज्यादा रहना, डायबिटीज का कंट्रोल में न होना और धूम्रपान की आदत. womansworld की रिपोर्ट के अनुसार, सही लाइफस्टाइल अपनाकर इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

धूप से बचाव

सबसे पहला और आसान तरीका है धूप से बचाव. बाहर निकलते समय सनग्लासेस और टोपी पहनने से आंखों को हानिकारक यूवी किरणों से बचाया जा सकता है. खासतौर पर UV 400 वाले चश्मे आंखों के लिए ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं. खानपान भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे शिमला मिर्च, संतरा, स्ट्रॉबेरी और ब्रोकोली आंखों के लिए फायदेमंद होती हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं.

इसे भी पढ़ें- Cervical Cancer In India: हर 8 मिनट में एक जान! साइलेंट किलर है सर्वाइकल कैंसर, डॉक्टर से जानें इसे रोकने के 5 कारगर तरीके 

खाने-पीने की चीजें

इसके अलावा, रोजाना सलाद खाने की आदत भी आंखों की सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है. पालक और केल जैसी हरी सब्जियों में मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व नजर को मजबूत रखने में मदद करते हैं. अगर सलाद में बेरीज शामिल कर ली जाएं तो इसका फायदा और बढ़ जाता है. फिजिकल एक्टिविटी भी उतनी ही जरूरी है. रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, जैसे वॉक करना, आंखों की ब्लड वेसल्स को स्वस्थ बनाए रखता है और उम्र से जुड़ी समस्याओं को धीमा करता है.

मल्टीविटामिन लेना फायदेमंद

सप्लीमेंट्स की बात करें तो मल्टीविटामिन लेना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें कई जरूरी पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं. हालांकि, केवल एक ही विटामिन पर निर्भर रहना उतना असरदार नहीं माना जाता. दिलचस्प बात यह है कि तनाव भी आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकता है. ज्यादा तनाव से शरीर में कोर्टिसोल बढ़ता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ाकर आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है.

ऐसे में छोटे-छोटे तरीके, जैसे च्युइंग गम चबाना, तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं. मोतियाबिंद को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज और आंखों की देखभाल से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में बड़ा फर्क डाल सकती हैं. 

इसे भी पढ़ें- Benefits Of Drinking Water: चाय-कॉफी से नहीं मिटेगी शरीर की प्यास, डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

[ad_2]
धुंधली न हो आंखों की रोशनी…मोतियाबिंद के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें