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कुरुक्षेत्र। पिछले वर्ष की तरह मानसून सीजन में इस बार मारकंडा के कहर से बचने के लिए सिंचाई विभाग ने सात परियोजनाएं तैयार की हैं। इनके तहत नदी से मिट्टी व गाद निकाली जाएगी। इससे नदी में पानी की करीब 15 हजार क्यूसेक तक क्षमता के साथ आवेग भी बढ़ेगा।
प्रदेश सरकार ने इन परियोजनाओं में से चार को मंजूरी दे दी है। वहीं तीन की अनुमति जल्द मिलने की उम्मीद है। जिन परियोजनाओं की अनुमति मिली है, उन पर विभाग ने कार्य शुरू करने की योजना भी तैयार कर ली है। संभावना जताई जा रही है कि 15 अप्रैल से कार्य शुरू होगा तो 25 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। विभाग ने संबंधित फर्माें को काम भी सौंप दिया है।
गत वर्ष भी विभाग ने जलबेहड़ा, झांसा, गुमटी व कलसाना को चिह्नित करते हुए नदी से मिट्टी व गाद निकलवाने की योजना बनाई थी। वहीं झांसा, गुमटी व कलसाना कार्य भी हुआ था और मिट्टी व गाद बेचने पर करीब 40 लाख की विभाग को आमदन भी हुई थी लेकिन सभी स्थानों पर काम न होने के कारण यह योजना ज्यादा काम नहीं आई थी। मानसून सीजन में ओवरफ्लो होने के बाद मारकंडा ने खूब कहर मचाया था। इसके कारण करीब 70 हजार एकड़ रकबे की फसलों से लेकर सड़कें व अन्य संपत्तियां बर्बाद हो गई थीं।
मंजूर हुई परियोजना, मिट्टी व गाद बेचने से विभाग को होगी आमदन
शहजादपुर, गुमटी व मलिकपुर से करीब एक करोड़ 83 लाख रुपये।
झांसा से करीब एक करोड़ 98 लाख रुपये।
जलबेहड़ा से 29 लाख रुपये।
ठसका मीरांजी, मेघामाजरा से 34 लाख 52 हजार रुपये।
बांध भी मजबूत होंगे, गाद व मिट्टी भी निकलेगी : एक्सईएन
एक्सईएन मुनीष बब्बर ने कहा कि सरकार ने चार परियोजनाएं मंजूर कर ली हैं। उम्मीद है कि बाकी तीन भी जल्द मंजूर होंगी। इनके तहत न केवल मारकंडा से मिट्टी व गाद निकलवाई जाएगी बल्कि बांध भी मजबूत किए जाएंगे। 25 जून तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। जो परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी हैं, वहां निरीक्षण भी किया जा चुका है ताकि जल्द कार्य शुरू कराया जा सके।
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Kurukshetra News: प्रदेश सरकार ने नदी से गाद व मिट्टी निकालने की चार परियोजनाओं को दी मंजूरी, तीन का इंतजार




